इसे भी पढ़ें : वॉयस">https://lagatar.in/pm-modi-said-at-the-voice-of-global-south-summit-global-south-is-not-responsible-for-global-challenges/">वॉयसRajasthan | There should be mutual respect between legislature & judiciary in order to strengthen democracy. The judiciary should also stay within its boundaries. Campaigns should be run to make people actively participate in making laws in the country: Lok Sabha Speaker Om Birla pic.twitter.com/tYfWBmFztv
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— ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) January">https://twitter.com/ANI_MP_CG_RJ/status/1613196838148136961?ref_src=twsrc%5Etfw">January
11, 2023
ऑफ ग्लोबल साउथ शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा, वैश्विक चुनौतियों के लिए ग्लोबल साउथ जिम्मेदार नहीं
न्यायपालिका भी मर्यादा का पालन करें
इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सलाह देते हुए कहा कि न्यायपालिका भी मर्यादा का पालन करें. न्यायपालिका से उम्मीद की जाती है कि जो उनको संवैधानिक अधिकार दिया है, उसका उपयोग करें. साथ ही अपनी शक्तियों का संतुलन भी बनायें. इस क्रम में कहा कि हमारे सदनों के अध्यक्ष भी यही चाहते हैं. इसे भी पढ़ें : केंद्र">https://lagatar.in/the-central-government-wrote-a-letter-to-the-states-and-union-territories-keep-the-prisoners-with-fundamentalist-views-in-separate-barracks-in-the-jail/">केंद्रसरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखा पत्र, कट्टरवादी विचारधारा वाले कैदियों को जेल में अलग बैरक में रखें
संसद संविधान संशोधन कर सकती है, इसके बेसिक स्ट्रक्चर को नहीं
सम्मेलन में उपराष्ट्रपति धनखड़ ने पुरानी बात याद करते हुए कहा कि 1973 में बहुत गलत परंपरा चालू हुई. केशवानंद भारती केस में सुप्रीम कोर्ट ने बेसिक स्ट्रक्चर का आइडिया दिया कि संसद संविधान संशोधन कर सकती है, लेकिन इसके बेसिक स्ट्रक्चर को नहीं. कोर्ट को सम्मान के साथ कहना चाहता हूं कि इससे मैं सहमत नहीं. हाउस बदलाव कर सकता है. क्या संसद यह अनुमति दे सकता है कि उसके फैसले को कोई और संस्था रिव्यू करे? श्री धनखड़ ने कहा कि जब मैंने राज्यसभा के सभापति का चार्ज लिया तब कहा था कि न तो कार्यपालिका कानून को देख सकती है, न कोर्ट हस्तक्षेप कर सकता है. संसद के बनाये कानून को किसी आधार पर कोई संस्था अमान्य करती है तो प्रजातंत्र के लिए ठीक नहीं होगा. यह कहना मुश्किल होगा कि हम लोकतांत्रिक देश हैं. इसे भी पढ़ें :जब">https://lagatar.in/chandrachud-lashed-out-at-the-bar-council-president-said-my-court-i-will-decide-how-it-will-workdont-explain-to-me-about-practice/">जबCJI चंद्रचूड़ बार काउंसिल अध्यक्ष पर बरसे, कहा, मेरा कोर्ट, मैं तय करूंगा कैसे काम होगा…मुझे प्रैक्टिस के बारे में न समझायें

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