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विधानसभा विशेष सत्रः राज्यपाल का अभिभाषण कई मायनों में महत्वपूर्णः स्टीफन मरांडी

Ranchi: झारखंड विधानसभा के विशेष सत्र के अंतिम दिन राज्यपाल के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव के समर्थन पर बोलते हुए झामुमो विधायक स्टीफन मरांडी ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण कई मायनों में महत्वपूर्ण है, जो यहां की योजनाओं को प्रतिबिंबित करता है. हेमंत सरकार को प्रचंड बहुमत मिला है. जिम्मेवारी बढ़ी है. झारखंड की अस्मिता की रक्षा का दायित्व भी है. राज्य के सर्वांगिण विकास की बात अभिभाषण में है. स्थानीय भाषा को स्वीकृत और शिक्षकों की नियुक्ति की बात कही गई है. महिला सशक्तिकरण पर फोकस किया गया है. मंईयां सम्मान योजना से आर्थिक मदद मिल रही है. अंबेडकर लाइब्रेरी की बात कही गई है. स्थानीय नीति बनाकर रोजगार देने की बात कही गई है. झारखंड ने खेल में पहचान बनाई है. स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना की बात कही गई है. क्षेत्रीय भाषा को सुदृढ़ करने के साथ मदरसा बोर्ड बनाने की बनाने की बात कही गई है. इसे भी पढ़ें - जॉर्ज">https://lagatar.in/giriraj-singh-waved-posters-on-george-soros-sonia-gandhi-relationship-opposition-protested-on-adani-issue/">जॉर्ज

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सरकार ने मजबूत इच्छाशक्ति को प्रकट किया हैः प्रदीप यादव

कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने राज्यपाल के अभिभाषण के प्रति कृतज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि अभिभाषण में सरकार की सोच और संकल्पों को प्रदर्शित करता है. सरकार के कमिटमेंट को दर्शाता है. सरकार ने यह कहने का प्रयास किया है कि हम गरीबों के लिए हैं. सरकार ने समझा है कि नर की सेवा ही नारायण की सेवा है. सबको साथ लेकर चलने का संकल्प है. सरकार सबका साथ सबका विकास करना चाहती है.

प्रदीप ने विपक्ष पर कसा तंज

प्रदीप यादव ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि वे घटकर 24 पर चले गए. हमारे संकल्पों पर जनता ने मुहर लगायी है. जुमलों पर जनता ने विश्वास नहीं दिखाया. उन्होंने सदन में एक फोटो दिखाते हुए कहा कि मोदी की लाउंड्री योजोना से धुलकर आए हिमंता बिस्व सरमा, एकनाथ सिंदे, अजीत पवार, चंद्रबाबू नायडू, प्रफुल्ल पटेल ने धोखेबाजी की. बाबूलाल भी उनके सहयोगी बन गए. उन्होंने कहा कि गोगो दीदी योजना का फॉर्म भरकर दिखाएंगे. ये धोखा नहीं तो क्या है. दंगा-फसाद कराने का प्रयास किया. घुसपैठ को देखने की जिम्मेवारी गृह मंत्री को है. ये घुसपैठ के नाम पर दंगा कराना चाहते हैं. ये लोग मणिपुर नहीं गए, जहां आदिवासियी बेटियों को नंगा घुमाया जा रहा है, यहां रोटी-बेटी और रोटी की बात करते हैं. देश की अखंडता को कमजोर करना है. फोटो के जरीए विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रपति खड़ी है और प्रधानमंत्री बैठे हैं, ये संविधान का उल्लंघन है. इन्हें मनुस्मृति पर विश्वास है. ये लोग फिर से तंग करेंगे पर हम डरने वाले नहीं. प्रदीप यादव ने जाति जणगणना की वकालत की. इसे भी पढ़ें -बालू">https://lagatar.in/lack-of-sand-stopped-the-pace-of-development-in-jharkhand-409-out-of-444-ghats-did-not-have-environmental-approval/">बालू

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