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विधानसभा : स्थानीय व नियोजन नीति को लेकर भाजपा विधायकों का हंगामा, नारेबाजी

  • भोजनावकाश के बाद आधा घंटा ही चली सदन की कार्यवाही
  • भाजपा-आजसू ने होली मिलन समारोह का किया बहिष्कार
Ranchi : झारखंड विधानसभा में शनिवार को बजट पर सामान्य चर्चा के दौरान भाजपा विधायकों ने स्थानीय एवं नियोजन नीति को लेकर जोरदार हंगामा किया. भोजनावकाश के बाद सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सभा भाजपा विधायक अपनी-अपनी सीट से उठकर वेल में आ गए. आधे घंटे तक जमकर नारेबाजी की. स्पीकर डॉ. रवींद्र नाथ महतो के मना करने के बावजूद भाजपा विधायक नहीं माने. रिपोर्टिंग टेबल तक पहुंच गए. वेल में बैठकर नारेबाजी करते रहे. इस बीच झामुमो विधायक वैद्यनाथ राम और कांग्रेस विधायक नेहा शिल्पी तिर्की ने बजट पर अपनी बात रखी. करीब आधा घंटा सत्र चलने के बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे के लिए स्थगित कर दी. स्पीकर ने घोषणा की कि सदन की कार्यवाही के बाद होली मिलन समारोह विधानसभा की ओर से आयोजित है. जिसमें सभी विधायक आमंत्रित हैं. लेकिन भाजपा और आजसू के विधायकों ने होली मिलन समारोह का बहिष्कार किया.

सरकार बिन पेंदी का लोटा, पूरी तरह कंफ्यूज- नीरा यादव

इससे पहले भाजपा विधायक नीरा यादव ने कहा कि यह सरकार पूरी तरह से बिन पेंदी का लोटा है. सरकार पूरी तरह कंफ्यूज है. उसे क्या करना है, क्या नहीं, पता ही नहीं है. यह सरकार आदिवासी- मूलवासियों के नाम पर बनी, पर सरकार उन्हें धोखा देने का काम कर रही है. इस सरकार से अब आदिवासी-मूलवासी ठगा महसूस कर रहे हैं. इस सरकार के रहते किसी का भला नहीं हो सकता है.

नियोजन नीति और स्थानीय नीति पर गुमराह कर रही है सरकार - अनंत ओझा

भाजपा विधायक अनंत ओझा ने कहा कि आखिर यह सरकार चाहती क्या है? दिशा क्या है? कुछ पता ही नहीं चल रहा है. कभी खुद सदन में सीएम हेमंत सोरेन कहते हैं कि 1932 के खतियान के आधार पर स्थानीय नीति या नियोजन नीति नहीं बन सकती है. फिर सरकार सदन में 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति का प्रस्ताव लाती है. उसमें नियोजन नीति भी जोड़ने का काम करती है. कोर्ट से नियोजन नीति खारिज होने और राज्यपाल द्वारा स्थानीय नीति का प्रस्ताव वापस करने के बाद फिर से नयी घोषणा करती है. उसे कैबिनेट से पास भी करा लेती है. मगर यह क्या है? किसी को नहीं पता. नियोजन नीति है या कुछ और. इसको लेकर सरकार को सदन में अपना पक्ष रखना चाहिए. सरकार इसे नहीं बता कर सदन और जनता दोनों को गुमराह कर रही है. आदिवासी-मूलवासियों के साथ विश्वासघात करने का काम कर रही है. विपक्ष और राज्य की जनता जानना चाहती है कि राज्य में नियुक्ति किस आधार होगी. नियोजन नीति और स्थानीय नीति का आधार क्या होगा. इसे भी पढ़ें – गोस्सनर">https://lagatar.in/two-day-film-fest-concludes-at-gossner-college/">गोस्सनर

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