Ranchi: पलामू जिले में 11 और 12 फरवरी को आदिवासी विकास महाकुंभ मेला का आयोजन किया जाएगा. यह मेला झारखंड सरकार द्वारा राजकीय मेला घोषित किया गया है और इसमें करोड़ों रुपये की परिसंपत्तियों का वितरण किया जाएगा. इसे भी पढ़ें -बजट">https://lagatar.in/62-percent-of-the-budget-spent-it-becomes-a-challenge-to-spend-the-entire-amount-in-the-next-one-and-a-half-months/">बजट
की 62 फीसदी राशि खर्च, अगले डेढ़ माह में पूरी राशि खर्च करना बनी चुनौती
केवल अंकों तक ही सीमित नहीं, बल्कि धैर्य, समर्पण व आत्मविश्वास की भी होती है परीक्षा : राज्यपाल
की 62 फीसदी राशि खर्च, अगले डेढ़ माह में पूरी राशि खर्च करना बनी चुनौती
विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ
इस मेले में विभिन्न सरकारी योजनाओं के स्टॉल लगाए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को योजनाओं से जुड़ी सभी जानकारियां मिलेंगी और वे इनका सीधा लाभ उठा सकेंगे.राजा मेदिनीराय की विरासत को संजोने का अवसर
यह मेला चेरो वंश के महान शासक राजा मेदिनीराय की याद में हर साल आयोजित किया जाता है. इस मेले की शुरुआत झारखंड के पहले विधानसभा अध्यक्ष इंदर सिंह रामधारी की पहल पर हुई थी.आदिवासी समुदाय के विकास के लिए महत्वपूर्ण मंच
यह मेला झारखंड के आदिवासी समुदाय और उनकी संस्कृति को सशक्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है. इस साल का मेला सिर्फ एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के विकास और सरकारी लाभ वितरण के नजरिए से भी बेहद महत्वपूर्ण होगा. इसे भी पढ़ें -परीक्षा">https://lagatar.in/the-examination-is-not-limited-only-to-marks-but-is-also-a-test-of-patience-dedication-and-self-confidence-governor/">परीक्षाकेवल अंकों तक ही सीमित नहीं, बल्कि धैर्य, समर्पण व आत्मविश्वास की भी होती है परीक्षा : राज्यपाल
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