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इंडिया मोबाइल कांग्रेस में पीएम मोदी ने कहा, हम Scale Without Boundaries के सपने को जी रहे हैं

National News : इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा, 2022 में इसी मंच से हमने देश में 5G लॉन्च किया था. कहा कि 2023 में उन्होंने इस बारे में बात की थी कि कैसे भारत 5G रोलआउट से 5G रीच-आउट की ओर बढ़ रहा है. आज हम सब देख रहे हैं कि 5G कनेक्टिविटी देश के हर ज़िले तक पहुंच गयी है.
 
इंडिया मोबाइल कांग्रेस में बोलते पीएम मोदी

National News : प्रधानमंत्री मोदी ने आज गुरुवार को नयी दिल्ली के यशोभूमि में इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10वें संस्करण का उद्घाटन किया.  इंडिया मोबाइल कांग्रेस  का आयोजन दूरसंचार विभाग (DoT) और सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) के बैनर तले किया जा रहा है.

 

बता दें कि इस ग्लोबल टेक इवेंट में देश-दुनिया के टेलीकॉम और आईटी सेक्टर के दिग्गज शिरकत कर रहे हैं. अहम खबर यह है कि इस साल इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) में भविष्य की टेक्नोलॉजी, 6G सहित AI की वजह से हो रही डिजिटल क्रांति और साइबर सुरक्षा पर फोकस किया जा रहा है.

 

 

इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा, 2022 में इसी मंच से हमने देश में 5G लॉन्च किया था. कहा कि 2023 में उन्होंने इस बारे में बात की थी कि कैसे भारत 5G रोलआउट से 5G रीच-आउट की ओर बढ़ रहा है. आज हम सब देख रहे हैं कि 5G कनेक्टिविटी देश के हर ज़िले तक पहुंच गयी है.  

 

पीएम ने कहा, आज भारत में 5,50,000 से ज़्यादा बेस स्टेशन हैं जहां से 5G नेटवर्क काम कर रहे हैं. मोबाइल इंटरनेट की स्पीड 2022 की तुलना में 10 गुना ज़्यादा तेज़ है.  इस क्रम में श्री मोदी ने कहा,  2024 में इंडिया मोबाइल कांग्रेस के इसी मंच पर हमने इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (ITU) की मौजूदगी देखी थी.

 

पिछले साल हमने 'इन्वेस्ट, इनोवेट और मेक इन इंडिया पर चर्चा की थी. आज टेलीकॉम सेक्टर में भारत ने जो तरक्की की है, उसमें इंडिया मोबाइल कांग्रेस का अहम योगदान रहा है. पिछले कुछ सालों में यह मंच भारत की तरक्की और भारत के सपनों के लिए एक मंच के तौर पर उभरा है. 

 

पीएम ने कहा, इस साल इस समिट में चर्चा के लिए Scale Without Boundaries (बिना किसी सीमा के विस्तार) का विषय चुना है. यानी हर सीमा से परे विस्तार करना. मैं आपके साथ भारत के अनुभव साझा करना चाहता हूँ और बताना चाहता हूं कि हमने असल में Scale Without Boundaries  के सपने को कैसे जिया है.

 

पीएम ने कहा, जब हम टेलीकॉम की बात करते हैं, तो अक्सर नेटवर्क की चर्चा करते हैं. स्पेक्ट्रम पर बहस होती है, हम टावरों की पहुंच और स्पीड की बात करते हैं. लेकिन भारत के लोगों के लिए, टेलीकॉम का मतलब इससे कहीं ज़्यादा रहा है.

 

पीएम ने कहा,  पिछले 10–12 सालों में टेलीकॉम का दायरा काफी बढ़ा है.  यह बात सच है. लेकिन यह कैसे हुआ? और यह सब क्यों किया गया? जब हम इसे समझेंगे, तो भारत का फोकस और उसके मुख्य फोकस वाले क्षेत्र सभी के सामने बिल्कुल स्पष्ट हो जायेंगे. 

 

पीएम ने कहा, पहले ज़्यादातर बैंक सिर्फ शहरों में ही होते थे. अस्पताल भी शहरों में ही केंद्रित थे. सरकारी कार्यालय आम तौर पर ब्लॉक या ज़िला स्तर पर होते थे. इसका मतलब था कि जब भी लोगों को कोई काम करवाना होता था या किसी सरकारी सेवा का लाभ उठाना होता था, तो उन्हें पैसे और समय दोनों खर्च करने पड़ते थे.

 

पीएम ने कहा, आज डिजिटल गवर्नेंस ने इसे बदल दिया है. आज सैकड़ों सरकारी सेवाएं मोबाइल फ़ोन पर उपलब्ध हैं. सरकारी मदद अब सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचती है. डायरेक्ट बेनिफ़िट ट्रांसफ़र के ज़रिए,लगभग 50 लाख करोड़ सीधे लाभार्थियों को ट्रांसफ़र कर उनके बैंक खातों में जमा किये गये.   इसका नतीजा यह रहा कि लगभग 5 लाख करोड़ गलत हाथों में जाने से बचाये गये.

 


केंद्र सरकार को उम्मीद है कि  इंडिया मोबाइल कांग्रेस में 100 से ज्यादा देशों के 1.5 लाख से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे. कार्यक्रम में  500 से ज्यादा साझेदार और प्रदर्शक, 600 से ज्यादा स्टार्टअप सहित 900 से ज्यादा विशेषज्ञ शामिल होंगे. आयोजन में 120 से ज्यादा सत्र होंगे. कार्यक्रम के तहत 700 से ज्यादा निवेशक बैठकों का आयोजन किया जायेगा.  इंडिया मोबाइल कांग्रेस 10 अक्टूबर तक चलेगी. 

 

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