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अटल जी की 100वीं जयंती, PM ने जन्म-शताब्दी पर लिखा आलेख, दी श्रद्धांजलि

LagatarDesk :  भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आज 100वीं जयंती है. इस दिन को सुशासन दिवस के रूप में भी मनाया जाता है. वाजपेयी की 100वीं जयंती पर पीएम नरेंद्र मोदी सहित कई दिग्गज नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की है. पीएम ने अपने एक्स हैंडल पर कई पोस्ट शेयर किये हैं. पहले पोस्ट में नरेंद्र मोदी ने लिखा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी को उनकी 100वीं जन्म-जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि. उन्होंने सशक्त, समृद्ध और स्वावलंबी भारत के निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया. उनका विजन और मिशन विकसित भारत के संकल्प में निरंतर शक्ति का संचार करता रहेगा. https://twitter.com/narendramodi/status/1871754248427557367

वाजपेयी की जन्म-शताब्दी पर पीएम ने लिखा आलेख

पीएम मोदी ने इस खास अवसर पर अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म-शताब्दी पर अपना आलेख भी शेयर किया है. उन्होंने अटल बिहारी के साथ अपनी एक तस्वीर शेयर कर लिखा कि आदरणीय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण के साथ जिस प्रकार देश को एक नई दिशा और गति दी, उसका प्रभाव हमेशा अटल रहेगा. यह मेरा सौभाग्य रहा है कि मुझे उनका भरपूर सान्निध्य और आशीर्वाद मिला. पढ़िये उनकी जन्म-शताब्दी पर मेरा यह आलेख…. https://twitter.com/narendramodi/status/1871755626805928228

मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं...लौटकर आऊंगा, कूच से क्यों डरूं?

मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं...लौटकर आऊंगा, कूच से क्यों डरूं? अटल जी के ये शब्द कितने साहसी हैं...कितने गूढ़ हैं. अटल जी, कूच से नहीं डरे...उन जैसे व्यक्तित्व को किसी से डर लगता भी नहीं था. वो ये भी कहते थे... जीवन बंजारों का डेरा आज यहां, कल कहां कूच है..कौन जानता किधर सवेरा...आज अगर वो हमारे बीच होते, तो वो अपने जन्मदिन पर नया सवेरा देख रहे होते. मैं वो दिन नहीं भूलता जब उन्होंने मुझे पास बुलाकर अंकवार में भर लिया था. और जोर से पीठ में धौल जमा दी थी. वो स्नेह...वो अपनत्व...वो प्रेम...मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है. वाजपेयी">https://www.narendramodi.in/hi/a-tribute-to-atal-ji-the-statesman-who-shaped-india-with-his-vision-and-resolve--589279">वाजपेयी

की जन्म-शताब्दी पर पीएम का लिखा पूरा आलेख आप यहां क्लिक करके पढ़ सकते हैं.

अटल बिहारी वाजपेयी ने तीन बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में ली थी शपथ

गौरतलब है कि अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर के शिंदे की छावनी में हुआ था. उनके पिता का नाम कृष्ण बिहारी वाजपेयी था. वहीं माता का नाम कृष्णा देवी था. वाजपेयी की प्रारंभिक शिक्षा ग्वालियर में हुई थी. उन्होंने विक्टोरिया कॉलेज से स्नातक और कानपुर के डीएवी कॉलेज से राजनीति विज्ञान में एम.ए किया था. अटल बिहारी वाजपेयी ने 16 मई 1996 को देश के 10वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी. लेकिन उनको संख्या बल के आगे इस्तीफा देना पड़ा था. 19 मार्च 1998 को दूसरी बार और 13 अक्टूबर 1999 को तीसरी बार अटल बाजपेयी ने प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी. वे 1997 में जनता पार्टी सरकार से विदेश मंत्री बने और संयुक्त राष्ट्र संघ के एक सत्र में उन्होंने हिंदी में अपना भाषण भी दिया था.

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