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अतीक अहमद-अशरफ हत्याकांड : तीनों हमलावर प्रयागराज की नैनी जेल से प्रतापगढ़ शिफ्ट

Lucknow : खबर है कि अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के आरोपी तीनों हमलावरों को प्रयागराज की नैनी जेल से प्रतापगढ़ शिफ्ट कर दिया गया है. सूत्रों के अनुसार प्रशासन द्वारा यह फैसला सुरक्षा कारणों से लिया गया है. नैनी जेल को लेकर पुलिस को इनपुट था कि इन तीनों पर हमला किये जाने की आशंका है. इस इनपुट के बाद में सुरक्षा के हवाले से आज सोमवार को आरोपी सनी सिंह, अरुण मौर्य और लवलेश तिवारी को प्रतापगढ़ जेल भेज दिया गया. इससे पहले सनी, अरुण और लवलेश को कल रविवार को अदालत के समक्ष पेश किया गया था, जहां से तीनों को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था. इसे भी पढ़ें : शाम">https://lagatar.in/evening-news-diary-17-apr-2023-jharkhand-news-updates/">शाम

की न्यूज डायरी।।17 APR।।छात्रों पर लाठीचार्ज,फूटे सिर।।जानें हेमंत कैबिनेट के फैसले।।परिवहन सचिव को लेकर HC पहुंचे SSP।।बिहारःराज्यपाल का काफिला ऑटो से टकराया।।नफरत फैला रहे BJP,RSS-राहुल।।समेत कई खबरें और वीडियो।।

तीनों आरोपियों ने मौका ए वारदात पर ही आत्म समर्पण कर दिया  

अतीक-अशरफ हत्याकांड के बाद से कई बड़े सवाल खड़े किये जा रहे हैं. हालांकि तीनों आरोपियों ने मौका ए वारदात पर ही आत्म समर्पण कर दिया था, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि ये तीनों किसी के इशारे पर ही इस हत्याकांड को अंजाम देने आये थे. वैसे अभी तक ऐसी कोई बात सामने नहीं आयी है, जिसमें पता चले कि इन तीनों की अतीक-अशरफ से कोई व्यक्तिगत खुन्नस हो. FIR में जो भी बातें दर्ज हैं, वह हर किसी के लिए डाइजेस्ट होना मुश्किल है. इसे भी पढ़ें : सुप्रीम">https://lagatar.in/supreme-court-orders-varanasi-collector-call-a-meeting-on-tuesday-solve-the-matter-of-wudu-in-gyanvapi-masjid/">सुप्रीम

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FIR में  लिखा गया है कि आरोपी नाम कमाना चाहते थे

FIR में लिखा गया है कि आरोपी नाम कमाना चाहते थे. लेकिन कहा जा कहा है कि कोई भी प्रसिद्धि के लिए यह तरीका क्यों अपनायेगा. नाम कमाने के लिए अतीक अहमद को ही निशाना क्यों बनायेगा. पुलिस पूछताछ में पता चला है कि तीनों आरोपी माफिया डॉन अतीक अहमद और अशरफ गैंग का सफाया करना चाहते थे ताकि प्रदेश में उनका नाम हो. FIR के अनुसार, आरोपियों ने बताया कि वे पुलिस की भारी मौजूदगी का अनुमान नहीं लगा पाये थे और हत्या करके भाग नहीं पाये. माना जा रहा है कि आरोपियों के पीछे कोई मास्टरमाइंड हो सकता है. ऐसे में इस बात की आशंका से भी इनकार नहीं है कि कहीं इन तीनों को भी रास्ते से हटाने की प्लानिंग तो नहीं हो रही. [wpse_comments_template]

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