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पंचायत सभा में नक्सलियों ने की थी गोलीबारी
आज से 24 साल पहले 7 जुलाई 1998 को गिरिडीह जिले बगोदर थाना क्षेत्र स्थित अटका के दामऊवा मैदान में जमीन विवाद से संबंधित पंचायत चल रही थी. जिसमें कई लोग शामिल थे. इसी दौरान हथियार से लैस नक्सली पुलिस की वर्दी में पहुंचे और गोलीबारी शुरू कर दी. इस घटना में मुखिया मथुरा प्रसाद मंडल, धूपाली महतो, बिहारी महतो, दशरथ महतो, सरजू महतो, वीरेन पासवान, तुलसी मंडल, जगरानी महतो, सीताराम मंडल तथा सरकारी शिक्षक रघु मंडल की घटना स्थल पर ही मौत हो गई थी.24 साल बाद भी घोषणा नहीं हुई पूरी
इस घटना के बाद एकीकृत बिहार की तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और लालू प्रसाद यादव घटनास्थल पर गये थे. अटका गांव में मृतक के आश्रितों के घर पहुंचकर लोगों को सांत्वना भी दी थी. मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सभी मृतक के परिजनों को सरकारी नौकरी, इंदिरा आवास और एक-एक लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की थी. जहां मुआवजा के तौर पर इंदिरा आवास और रुपए तो मिल गया. लेकिन मृतक के परिजन आज भी सरकारी नौकरी की आस लगाए बैठे हैं. इसे भी पढ़ें - देश">https://lagatar.in/monsoon-merciful-heavy-rain-landslides-thunderstorm-news-on-more-than-20-states-of-the-country-but-up-is-waiting-for-rain/">देशके 20 से अधिक राज्यों पर मॉनसून मेहरबान, भारी बारिश, लैंडस्लाइड, वज्रपात की खबर, पर यूपी बारिश की बाट जोह रहा…

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