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हिज्ब-उत-ताहिर व अलकायदा कनेक्शन पर धनबाद में ATS कर रही छापेमारी

Ranchi :   झारखंड एटीएस ने आतंकी संगठन हिज्ब-उत-ताहिर (HUT) और अलकायदा इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) कनेक्शन को लेकर धनबाद में छापेमारी की है. एटीएस की टीम ने धनबाद में वासेपुर सहित 15 ठिकानों पर एक साथ शनिवार की सुबह से छापेमारी कर रही है. वासेपुर के नूर मस्जिद वाले इलाके में छापेमारी के दौरान दो उम्दा किस्म के पिस्तौल, कारतूस के साथ-साथ भारी मात्रा में प्रतिबंधित लिटरेचर, डायरी, लैपटॉप और स्मार्टफोन बरामद किये गये हैं. जहां छापेमारी हो रही है, वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं. मिली जानकारी के अनुसार, अब तक छापेमारी में कुल चार संदिग्धों को डिटेन किया गया है. डिटेन किये गये  सभी युवक संदिग्ध आतंकी संगठन से डार्क वेब के जरिये जुड़े हुए थे. एटीएस एसपी ऋषभ झा और उनकी पूरी टीम डिटेन किये गये युवकों से पूछताछ कर रही है. जानकारी के मुताबिक, जिन युवकों को पकड़ा गया है, वह अलकायदा इंडियन सबकॉन्टिनेंट से भी जुड़े हैं. हिज्ब-उत-ताहिर का देश में कई आतंकवादी गतिविधियों में रहा है हाथ :  केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 1953 में यरूशलम में बने वैश्विक इस्लामी कट्टरपंथी संगठन हिज्ब-उत-ताहिर को आतंकवादी संगठन घोषित कर इस पर प्रतिबंध लगा दिया है. सरकार का कहना है कि यह संगठन आतंकवादी गतिविधियों में शामिल है, जो कि देश के भोले-भाले नागरिकों को जिहाद की आड़ में लेकर बैन आतंकवादी संगठन आईएसआईएस में शामिल करने के लिए उकसाता है. यह संगठन आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन जुटाने का भी काम कर रहा है. देश में कई आतंकवादी गतिविधियों में इसका हाथ रहा है. पूर्व में भी रांची से अलकायदा का संदिग्ध आतंकी हो चुका है गिरफ्तार : बीते साल अगस्त में झारखंड एटीएस ने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर रांची, हजारीबाग और लोहरदगा के कुल 16 ठिकानों पर छापेमारी की थी. इसके बाद एटीएस की टीम ने नौ संदिग्धों को पकड़ा था. इसमें रांची के मेडिका अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के पद पर कार्यरत डॉ. इश्तियाक अहमद भी शामिल हैं. डॉ. इश्तियाक अहमद को रांची के जोड़ा तालाब स्थित अपार्टमेंट से​ पकड़ा गया. वह छह साल से रेडियोलॉजिस्ट के पद पर था. सूत्रों के अनुसार, डॉ. इश्तियाक अलकायदा इंडियन सबकॉन्टिनेंट आतंकी संगठन का मास्टरमाइंड है. वह भारत को इस्लामिक स्टेट बनाने का मंसूबा रच रहा था. धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा देते हुए राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का संचालन कर रहे थे झारखण्ड एटीएस को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि हिज्ब उत ताहिर और अलकायदा और अन्य प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से जुड़े कुछ व्यक्ति राज्य के अन्य युवकों को अपने नेटवर्क से जोड़कर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के द्वारा गुमराह कर रहे हैं, साथ ही धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा देते हुए राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं. मामले के और सत्यापन के दौरान यह बात प्रकाश में आयी कि इन संगठनों से संबंधित व्यक्तियों द्वारा धनबाद जिला में अवैध आर्म्स का व्यापार और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है. जिसके बाद एटीएस की टीम ने कार्रवाई करते हुए फैयाज हुसैन, आयान जावेद, मो शहजाद आलम और शबनम प्रवीण को गिरफ्तार किया. जिनके पास से दो पिस्टल, 12 कारतूस, कई इलेक्ट्रोनिक्स डिवाईस जैसे-मोबाईल फोन, लेपटॉप और भारी मात्रा में प्रतिबंधित संगठनों से संबंधित दस्तावेज और पुस्तक बरामद किये गये है.हिज्ब उत ताहिर संगठन के प्रतिबंधित होने के बाद यह देश का पहला आपराधिक कांड है.

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