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संदेशखाली में तृणमूल कार्यकर्ता मूसा मोल्ला को पकड़ने गयी पुलिसकर्मियों पर हमला, वाहन में तोड़फोड़

एक पुलिस अधिकारी ने घटना के संबंध में बताया कि नजात थाने की एक टीम शुक्रवार रात संदेशखाली ब्लॉक के बोयरमारी गांव में तृणमूल कार्यकर्ता मूसा मोल्ला को पकड़ने गयी थी. इसका विरोध करते हुए उसके समर्थकों ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया. भीड़ ने पुलिस वाहन में तोड़फोड की.
 

Kolkata : पश्चिम बंगाल के 24 परगना स्थित संदेशखाली से बड़ी खबर सामने आयी है. खबर यह है कि आज शनिवार को राज्य में सत्तारूढ़  टीएमसी के समर्थकों की भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर हिंसक हमला कर दिया. हमले में एक अधिकारी समेत 6 पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है.


घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. याद करें कि इसी संदेशखाली में 2 साल पहले टीएमसी नेता शेख शाहजहां के समर्थकों ने ईडी की टीम पर हमला किया था.   


एक पुलिस अधिकारी ने घटना के संबंध में बताया कि नजात थाने की एक टीम शुक्रवार रात संदेशखाली ब्लॉक के बोयरमारी गांव में तृणमूल कार्यकर्ता मूसा मोल्ला को पकड़ने गयी थी. इसका विरोध करते हुए उसके समर्थकों ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया. भीड़ ने पुलिस वाहन में तोड़फोड की.


अधिकारी के अनुसार जब पुलिसकर्मी मोल्ला को हिरासत में लेकर पुलिस वाहन में बैठाने लगे तो एक समूह ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया.  


पुलिस के अनुसार  मोल्ला को मत्स्य पालन के लिए जलाशयों पर जबरन कब्जा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.  भीड़ द्वारा हमला किये जाने के बाद वहां राजबाड़ी चौकी से भारी पुलिस बल भेजा गया.  भीड़ को खदेड़ा गया उसके बाद मोल्ला को पुलिस थाना लाया जा सका.  


बशीरहाट जिला पुलिस के अधिकारी ने बताया कि आरोपी मूसा मोल्ला अदालत के आदेश का पालन नहीं कर रहा था. इसलिए उसे समन भेजा गया था. लेकिन उलने समन का कोई जवाब नहीं दिया. इसके बाद पुलिस उसे  पकड़ने के लिए हुलोपाड़ा पहुंची. तभी मूसा ने अपने साथियों को बुलाया और हमला कर दिया.

 

हालांकि बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने काम में बाधा डालने, मारपीट और तोड़फोड़ करने के आरोप में नौ लोगों को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस ने शनिवार को उन सभी को बशीरहाट उप-मंडल अदालत में पेश कर उनकी रिमांड की मांग की है


इस घटना को लेकर भाजपा  नेता सजल घोष ने कहा कि ममता बनर्जी के शासन में राज्य पुलिस पर हमला टीएमसी कार्यकर्ताओं की हताशा और दुस्साहस को दर्शाता है. टीएमसी प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने पुलिस पर हमले को निंदनीय करार दिया है.  

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