Lagatar Desk- अभिनेता टाइगर श्रॉफ़ पर हुई फ़ायरिंग मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दो महिलाओं समेत चार और लोगों को गिरफ़्तार किया है.इसके साथ ही इस मामले में गिरफ़्तार लोगों की संख्या अब सात हो गई है. इस बीच राजस्थान के कोटा से पकड़े गए तीन अभियुक्तों को मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम बुधवार को मुंबई लेकर पहुंची.
मुंबई पुलिस के मुताबिक़, दिल्ली और सोनीपत से पकड़े गए चारों अभियुक्तों पर मुंबई में हथियारों की सप्लाई करने का आरोप है. फ़िलहाल इस मामले से जुड़े सभी अभियुक्तों से पूछताछ की जा रही है. दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के डीसीपी प्रवीण त्रिपाठी ने मीडिया को बताया कि इन चारों अभियुक्तों में से एक कुणाल हाल ही एक दूसरे केस में जेल से रिहा हुआ था और अपने सहयोगी सुमित के साथ हथियार लेने के लिए अमृतसर गया था. डीसीपी ने पत्रकारों को बताया, "कल (मंगलवार को) एक विशेष टीम ने चार लोगों को गिरफ़्तार किया. इनमें राधा और बबीता नाम की दो महिलाएं और सुमित और कुणाल नाम के दो पुरुष शामिल हैं. एक दूसरे मामले में हाल ही में जेल से रिहा होने के बाद कुणाल, अनिल पंडित के निर्देश पर अपने साथी सुमित के साथ हथियार लेने अमृतसर गया था."
दोनों महिलाओं की भूमिका
पुलिस अधिकारी ने बताया, "वहां एक तय जगह से हथियार लेने के बाद उसने अपनी साथी राधा की मदद से उन्हें मुंबई पहुंचाया. मुंबई में राधा और बबीता ने रेलवे स्टेशन के पास एक नाबालिग लड़के को हथियार सौंपे. कुणाल ने राधा और बबीता का इस्तेमाल हथियार पहुंचाने के लिए किया. राधा के साथ अपने निजी संबंधों का फ़ायदा उठाकर उसने उसे इस काम में शामिल किया. दोनों ट्रेन से हथियार लेकर मुंबई गए."
डीसीपी ने दावा किया, "कुणाल एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों के जरिए अनिल पंडित के संपर्क में था. इससे पहले, अनिल पंडित के कहने पर उसने पानीपत में गोलीबारी की एक घटना को अंजाम दिया था. इस बार भी उसे अनिल पंडित सोशल मीडिया के जरिए निर्देश दे रहा था और कुणाल उन निर्देशों को आगे पहुंचा रहा था. ये निर्देश हथियारों की आवाजाही से जुड़े थे. इनमें बताया जाता था कि हथियार कहां से लेने हैं, उन्हें मुंबई कैसे पहुंचाना है और वहां किसे सौंपना है."
क्या इन लोगों के निशाने पर कोई और सेलिब्रिटी भी था, इस सवाल पर डीसीपी त्रिपाठी ने कहा, "पूछताछ के दौरान ऐसी कोई बात सामने नहीं आई. ये लोग सिर्फ़ हथियारों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क का हिस्सा थे. इन्हें सिर्फ़ इतनी जानकारी थी कि हथियार कहां से लेने हैं और कहां पहुंचाने हैं."डीसीपी त्रिपाठी के मुताबिक़, "हमारी शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हथियारों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में मदद करने के लिए कुणाल को 70 से 80 हजार रुपये मिले थे. इसमें से करीब 10 से 12 हजार रुपये हथियार पहुंचाने वाली बबीता को दिए गए. कुणाल और सुमित सोनीपत के रहने वाले हैं. राधा और बबीता मूल रूप से उत्तर प्रदेश की रहने वाली हैं, लेकिन वे सोनीपत में रह रही थीं."
पुलिस अधिकारी ने कहा, "ये लोग पिछले दो से तीन हफ्तों के दौरान ही इस ख़ास काम के लिए एक-दूसरे के संपर्क में आए थे. वे 15 तारीख़ को यहां से रवाना हुए और 17 तारीख़ की सुबह मुंबई पहुंचे. सुबह करीब 11 बजे उन्होंने दादर रेलवे स्टेशन के पास नाबालिग लड़के को हथियार सौंपे."