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चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने का प्रयास- स्टीफन मरांडी

Pravin Kumar/Kaushal Anand Ranchi: सूबे में वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है. इसे लेकर झामुमो और सरकार के अंदरखाने क्या चल रहा है, इसकी पड़ताल की गई. अगर हेमंत सोरेन की सदस्यता जाती है तो झामुमो के पास क्या-क्या विकल्प हैं. इन तमाम मुद्दों पर लगातार डॉट इन और शुभम संदेश की टीम ने झामुमो के दो सिनियर विधायकों से बातचीत की.

हॉर्स ट्रेडिंग को बढ़ावा देने का आरोप

बातचीत में दोनों विधायकों स्टीफन मरांडी और लोबिन हेम्ब्रम ने भाजपा पर एक चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने और हॉर्स ट्रेडिंग को बढ़ावा देने का आरोप लगाया. साथ ही साथ यह स्पष्ट कर दिया कि जब तक मामला साफ नहीं होता है तब तक कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता है. स्थिति और परिस्थिति देखकर कर निर्णय लिया जाएगा, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सदस्यता रहे चाहे या जाए, यह गठबंधन की सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी. इसे भी पढ़ें–बीज">https://lagatar.in/seed-scam-high-court-seeks-copy-of-fir-and-chargesheet-minister-satyanand-bhokta-has-filed-a-petition/">बीज

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राजभवन को स्थिति साफ करना चाहिए- प्रो. स्टीफन मरांडी

झामुमो के सीनियर विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी ने बताया कि हेमंत सोरेन का उत्तराधिकारी कौन होगा, यह बहुत दूर की बात है. हमलोगों ने कल ही स्थिति और परिस्थिति से सभी को अवगत करा दिया है. एक बातें मीडिया के माध्यम से आ रही है कि इलेक्शन कमीशन के द्वारा कोई पत्र राजभवन के पास आया है. इसका खुलासा राजभवन को करना चाहिए. ऐसी स्थिति अभी बन गयी है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सदस्यता रद हो गयी है. अब रद हुआ है या कि नहीं, यह कैसे पता चलेगा. जब तक उस कागज का खुलासा नहीं हो जाता है. तब तक कुछ कहना मुश्किल और जल्दबाजी होगी.

“मामले में बहुत सारे लीगल पार्ट”

उन्होंने फिर दुहराया कि आज तक लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 9 (ए) के तहत किसी भी जनप्रतिनिधि की सदस्यता नहीं गयी. इसमें बहुत सारे लीगल पार्ट हैं. इसलिए इसको लेकर अब और अधिक हाय-तौबा करने की जरूरत नहीं हैं. जब इसका खुलासा होगा तो उसके हिसाब से निर्णय लिया जाएगा. रही बात हेमंत सोरेन का उत्तराधिकारी कौन होगा. तो यह तब की बातें है जब ऐसा कुछ होता है. पहले तो यह तय हो जाएगा कि हुआ क्या है. इसलिए अभी इसके बारे में अधिक कुछ नहीं कहा जा सकता है.

सीनियर नेताओं से ली जाती है सलाह- स्टीफन मरांडी

स्टीफन मरांडी ने पार्टी के सीनियर लीडर से सलाह नहीं लेने और तरजीह नहीं देने की बातों को एक सिरे से खारिज किया. उन्होंने कहा कि सभी से सलाह लेकर काम किया जा रहा है. रही बात बंसत सोरेन की तो उनका अपना भी कुछ मामला चल रहा है,  इसलिए वे दिल्ली गए थे और वो परसों ही रांची लौट आए हैं. क्लीयर मेंडेड को चैलेंज किया जा रहा है. हो सकता है कि इलेक्शन कमीशन का चिट्टी ही नहीं आयी है. इसलिए इफ-बट के सवाल का जवाब देना मुश्किल हो. उन्होंने कहा दिया कि चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है. मगर गठबंधन सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी. इसे भी पढ़ें–पांच">https://lagatar.in/400-rmc-workers-will-go-on-strike-from-september-5-demand-for-7th-pay-scale/">पांच

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भाजपा के हर चाल का देंगे जवाब-स्टीफन

स्टीफन मरांडी ने कहा कि भाजपा द्वारा होर्स ट्रेडिंग का माहौल तैयार किया जा रहा है. मेंबर जाएं या नहीं मगर यह सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी. अभी कोई रणनीति नहीं बना रहे हैं, जैसी परिस्थिति उत्पन्न होगी, उसके हिसाब से काम किया जाएगा. हम भाजपा के हर चाल और सवाल का जवाब देंगे. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/08/lllll-6.jpg"

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अभी अकबकाने की जरूरत नहीं-लोबिन

वहीं समय-समय पर सरकार को आईना दिखाने का काम करने वाले झामुमो के सीनियर विधायक लोबिन हेम्ब्रम ने कहा कि अभी अकबाने की जरूरत नहीं है. सरकार को अपना काम करना चाहिए. बस एकता बनी रहनी चाहिए और हमलोग एकजुट रहें.  एकजुटता की दिशा में काम होना चाहिए. सारी बातें मीडिया के माध्यम से ही आयी है. अगर ऐसा कोई पत्र राजभवन को आया है तो राजभवन का भी दायित्व है कि वो स्थिति स्पष्ट करे. बड़ी उहापोह की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. बंद लिफाफे का पटाक्षेप हो जाना चाहिए. नहीं भेजा गया तो यह भी जनता को बता देना चाहिए. इसके कारण सरकार का काम बाधित हो रहा है. अब तो यह भी शक हो रहा है कि ऐसा कोई पत्र राजभवन आया है या नहीं.

“सरकार के साथ खड़े, मगर सीनियर नेताओं का लें सलाह”

लोबिन हेम्ब्रम ने कहा कि हम पार्टी और सरकार के साथ मजबूती के साथ खड़े हैं, मगर सिनियर नेताओं से राय लेते रहना चाहिए. अगर सदस्यता खत्म होती है तो आगे हम निर्णय लेंगे. केवल मीडिया में बातें आ रही हैं. विकल्प पर कोई चर्चा नहीं हो रही है. पहले तो मामला क्लीयर हो जाए. उन्होंने कहा कि जनादेश मिला है वह कार्यकाल पूरा करेगी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को राज्यहित में, जनहित में, पार्टी और सरकार हित में सभी से राय लेते रहना चाहिए.

स्थानीय कौन, तय हो- लोबिन

लोबिन हेम्ब्रम ने कहा कि स्थानीय कौन यह अब तय हो जाना चाहिए,  नहीं तो बड़ा आंदोलन होगा. लोबिन ने कहा कि स्थानीय कौन है, यह तय हो जाना चाहिए. सरकार स्थानीय नीति पर अब तक कोई काम नहीं कर पायी है. सीएनटी-एसपीटी एक्ट यहां की सुरक्षा कवच है. ये मेरा नहीं, झामुमो और पूरे झारखंडियों की मांग है. कौन यहां का स्थानीय है, यह डिफाइन हो जाना चाहिए. हमारा जो आंदोलन है, वह चलेगा. मुख्यमंत्री भी इस बात को समझ रहे हैं. विलंब क्यों हो रहा है, यह समझ में नहीं आ रहा है. हम सरकार को केवल आईना दिखाने का काम कर रहे हैं. नहीं तो जोरदार आंदोलन होगा. [wpse_comments_template]

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