Search

 
 
 

डिप्लोमा इन फार्मेसी की परीक्षा झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी को सौंपने की कोशिश नाकाम

Ranchi News: निधि खरे ने अपने कार्यकाल के दौरान 30 अगस्त 2018 को उच्च तकनीकी शिक्षा निदेशक को पत्र लिखा था. इसमें यह कहा गया था कि स्वास्थ्य विभाग ने सुचारू रूप से डिप्लोमा इन फार्मेसी की परीक्षा संचालित करने के लिए 2007 में डिप्लोमा इन फार्मेसी परीक्षा समिति का गठन किया था. इसके बाद वर्ष 2011 में डिप्लोमा इन फार्मेसी का पुनर्गठन किया गया. फिलहाल डिप्लोमा इन फार्मेसी की परीक्षा इसी समिति द्वारा आयोजित की जा रही है.
 
Exclusive news lagatar

Ranchi News: झारखंड में डिप्लोमा इन फार्मेसी की पढ़ाई के लिए कुल 154 कॉलेज हैं. इसमें एक सरकारी और 153 निजी कॉलेज हैं. झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (JUT) इसमें से सिर्फ सरकारी कॉलेज के डिप्लोमा इन फार्मेसी की परीक्षा लेती है. 153 निजी कॉलेजों की परीक्षा अभी भी डिप्लोमा इन फार्मेसी परीक्षा समिति द्वारा लिया जाता है. इसकी वजह फार्मेसी माफिया की सक्रियता बतायी जाती है.


उल्लेखनीय है कि डिप्लोमा इन फार्मेसी की पूरी परीक्षा को JUT के हवाले करने कोशिशि तत्कालीन सचिव निधि खरे ने की थी. इसके बाद नितिन मदन कुलकर्णी ने अपने कार्यकाल के दौरान डिप्लोमा इन फार्मेसी की परीक्षा JUT के माध्यम से कारने के कोशिश की. इसके लिए JUT के अधिकारियों के साथ बैठक की गयी. इसमें यह फैसला किया गया कि शैक्षणिक सत्र 2019-20 से पहले की परीक्षाएं डिप्लोमा इन फार्मेसी परीक्षा समिति के माध्यम से की जायेगी. इसके बाद से शैक्षणिक सत्र की सभी परीक्षाएं JUT के माध्यम से की जायेंगी. लेकिन यह व्यवस्था अब तक लागू नहीं हो सकी.


निधि खरे ने अपने कार्यकाल के दौरान 30 अगस्त 2018 को उच्च तकनीकी शिक्षा निदेशक को पत्र लिखा था. इसमें यह कहा गया था कि स्वास्थ्य विभाग ने सुचारू रूप से डिप्लोमा इन फार्मेसी की परीक्षा संचालित करने के लिए 2007 में डिप्लोमा इन फार्मेसी परीक्षा समिति का गठन किया था. इसके बाद वर्ष 2011 में डिप्लोमा इन फार्मेसी का पुनर्गठन किया गया. फिलहाल डिप्लोमा इन फार्मेसी की परीक्षा इसी समिति द्वारा आयोजित की जा रही है.

 

 

Uploaded Image

निधि खरे की ओर से लिखा गया पत्र 

 


पत्र में उच्च तकनीकी शिक्षा द्वारा जारी आवश्यक सूचना का हवाला देते हुए यह लिखा गया था कि इस सूचना में JUT द्वारा डिप्लोमा इन फार्मेसी की परीक्षा लेने का उल्लेख किया गया है. इस सूचना के आलोक में डिप्लोमा इन फार्मेसी परीक्षा समिति को भंग कर JUT के माध्यम से परीक्षा आयोजित करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया अपनाने का अनुरोध किया गया था. इसके साथ ही डिप्लोमा इन फार्मेसी परीक्षा समिति के पास उपलब्ध फंड की ट्रांसफर करने का अनुरोध किया गया था. बताया जाता है कि फंड ट्रांसफर की बात राज्य में सक्रिय फार्मेसी माफिया को रास नहीं आयी.


निधि खरे के तबादले के बाद नितिन मदन कुलकर्णी ने अपने कार्यकाल में निधि खरे द्वारा लिखे गय़े पत्र के आलोक में आगे की प्रक्रिया बढ़ाई. उन्हें JUT के अधिकारियों के साथ बैठकें आयोजित की. बैठक में लिये गये फैसले के आलोक में उन्होंने फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया को एक पत्र लिखा. इसमें यह कहा गया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा वर्ष 2011 में गठित परीक्षा समिति द्वारा डिप्लोमा इन फार्मेसी की परीक्षा आयोजित की जा रही है. उच्च तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा जारी आवश्यक सूचना के आलोक में तत्कालीन प्रधान सचिव ने JUT के माध्यम से डिप्लोमा इन फार्मेसी की परीक्षा आयोजित करने के लिए अनुरोध किया था.

 

Uploaded Image

नितिन मदन कुलकर्णी का लिखा गया पत्र


इस पत्र के आलोक में JUT के कुलपति के साथ डिप्लोमा इन फार्मेसी की परीक्षा आयोजित करने के मुद्दे पर बैठक हुई. इसमें यह फैसला किया गया कि शैक्षणिक सत्र 2019-20 और इसके बाद के सत्रों के डिप्लोमा इन फार्मेसी की परीक्षाएं JUT के माध्यम से आयोजित की जायेगी. शैक्षणिक सत्र 2019-20 के पहले के शैक्षणिक सत्र की परीक्षाएं डिप्लोमा इन फार्मेसी परीक्षा समिति द्वारा आयोजित की जायेगी.

 

 इसलिए फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिय़ा, JUT के माध्यम से डिप्लोमा इन फार्मेसी की परीक्षा आयोजित करने पर औपचारिक सहमति दे.
लेकिन इन दोनों अधिकारियों की सारी कोशिशें बेकार हो गयीं. अब JUT के माध्यम से सिर्फ सरकारी फार्मेसी काउंसिल की परीक्षा आयोजित की जाती है. निजी कॉलेजों की परीक्षा अब भी डिप्लोमा इन फार्मेसी परीक्षा समिति द्वारा आयोजित की जाती है. निजी फार्मेसी कॉलेजों में अब तक कई तरह की अनियमितताएं सामने आ चुकी है. इसमें एडमिशन से परीक्षा तक की गड़बड़ी शामिल है.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही