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चान्हो के ग्रामीणों की सक्रियता से लकड़ी तस्करी की कोशिश नाकाम, प्रशासन से कार्रवाई की मांग

Ranchi News: लोगों ने बताया कि 2007 से जंगल बचाने का प्रयास किए जा रहे हैं. क्योंकि जंगल और प्राकृतिक संसाधन क्षेत्र की महत्वपूर्ण संपत्ति हैं, जिन्हें बचाने की जिम्मेदारी सभी की है. लकड़ी तस्करी रात 12 बजे पहुंच जाते हैं. इसे रोकने के लिए वन विभाग को भी सतर्क रहना चाहिए. ताकि लकड़ी तस्करी को रोका जा सके. ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर पेड़ काटने वालों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.
 
चान्हो के ग्रामीण

Ranchi News: प्रखंड क्षेत्र के बुचाओपा में सखुआ के विशाल पेड़ों की कटाई कर लकड़ी ले जाने का मामला सामने आया है. ग्रामीणों की सक्रियता से लकड़ी ले जाने का प्रयास विफल हो गया. ग्रामीणों ने लकड़ी लदे वाहन को पकड़ लिया, जबकि कथित आरोपी फरार हो गए. ग्रामीणों ने बताया कि कुछ लोग करीब पांच विशाल सखुआ के पेड़ों को काटकर वाहन से लकड़ी ले जाने की तैयारी कर रहे थे.

 

इसी दौरान इसकी जानकारी ग्रामीणों को मिली. बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे. लोगों की भीड़ देखते ही लकड़ी तस्करी भाग गए. ग्रामीणों ने लकड़ी लदे वाहन को अपने कब्जे में ले लिया. ग्रामीणों ने बताया कि सखुआ के एक बड़े पेड़ को तैयार होने में कई दशक लग जाते हैं. ऐसे पेड़ों की कटाई से जंगल उजड़ जाएगा और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है.

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2007 से जंगल बचाने का हो रहा है प्रयास

लोगों ने बताया कि 2007 से जंगल बचाने का प्रयास किए जा रहे हैं. क्योंकि जंगल और प्राकृतिक संसाधन क्षेत्र की महत्वपूर्ण संपत्ति हैं, जिन्हें बचाने की जिम्मेदारी सभी की है. लकड़ी तस्करी रात 12 बजे पहुंच जाते हैं. इसे रोकने के लिए वन विभाग को भी सतर्क रहना चाहिए. ताकि लकड़ी तस्करी को रोका जा सके. ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर पेड़ काटने वालों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे.

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