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सीपीआई के बौद्धिक संपदा थे अतुल कुमार अनजान : CPI

 
Ranchi :  सीपीआई के राष्ट्रीय सचिव और अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव अतुल कुमार अनजान को उनकी पहली पुण्यतिथि पर याद किया गया. सीपीआई राज्य कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई. राज्य कार्यकारणी के सदस्य और जिला मंत्री अजय कुमार सिंह ने कहा कि अतुल कुमार अनजान सीपीआई के बौद्धिक संपदा थे. उनकी बेबाक टिप्पणियों और संघर्षशील जीवन ने उन्हें एक अद्वितीय नेता बनाया. उनके पिता डॉ ए पी सिंह एक स्वतंत्रता सेनानी थे और अतुल कुमार अनजान ने उनके नक्शेकदम पर चलते हुए अपना जीवन समाज सेवा में समर्पित किया.   संघर्ष की विरासत : अतुल कुमार अनजान का जीवन संघर्षों से भरा था. उन्होंने कई आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई, जिसमें उत्तर प्रदेश में प्रसिद्ध पुलिस पीएसी रिवॉल्ट एक्ट शामिल है. उन्होंने लगभग 5 वर्षों तक जेल में भी समय बिताया. इसके अलावा उन्होंने स्वामीनाथन कमीशन में किसानों के उत्थान के लिए कई सुझाव दिए, जिनमें किसानों को मासिक पेंशन, एमएसपी की गारंटी और बिना ब्याज के ऋण शामिल हैं.   झारखंड से विशेष लगाव : अतुल कुमार अनजान का झारखंड से विशेष लगाव था. उन्होंने कई रैलियों और आम चुनावों में भाग लिया और झारखंड के मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद की. उन्होंने एचईसी को बचाने के लिए संघर्ष की बात कही और एसपीटी और सीएनटी एक्ट को पूर्ण रूप से लागू करने की मांग की. जबरिया भूमि अधिग्रहण पर रोक लगाने की भी उन्होंने मांग की. इस अवसर पर इम्तियाज अहमद खान, मनोज ठाकुर, श्यामल चक्रवर्ती और अन्य कई लोग उपस्थित थे.
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