Kamrul Arfi Balumath (Latehar): बालूमाथ थाना क्षेत्र में इन दिनों लोहा तस्करी का गोरखधंधा चरम पर है. पुलिसिया कार्रवाई नहीं होने से लोहा तस्करों का मनोबल सातवें आसमान पर पहुंच गया है. यहां तक कि लोहा तस्कर या कहें लोहा चोर पाइपलाइन को भी गैस कटर से काट कर ले जा रहे हैं और कबाडि़यों के हाथों बेच दे रहे हैं. चंदवा प्रखंड के चकला मे बंद पड़े अभिजित पावर प्लांट से बालूमाथ के दामोदर नदी तक बिछाई गई पाइपलाइन एवं बिजली के पोल भी उड़ा ले रहे हैं. दुपहिया और चार पहिया वाहनों से लोहों की ढुलाई की जा रही है. चकला व दामोदर नदी के विभिन्न जगहों से प्रतिदिन दो से तीन क्विंटल चोरी का लोहा बालूमाथ के कबाड़ी दुकान में पहुंचता है. कबाड़ी दुकानदार प्रतिमाह लाखों रुपये की अवैध कमाई कर रहे हैं. चोरी का सिलसिला दिन प्रतिदिन बढता जा रहा है. बताया जाता है कि अवैध लोहा चोरी में एक बड़ा गिरोह काम करता है. इसमें स्थानीय व बाहरी लोग भी शामिल हैं. इसे भी पढ़ें :बरही">https://lagatar.in/barhi-fir-on-388-people-in-four-months-in-electricity-theft-case/">बरही
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मिट्टी काट कर पाइप की चोरी
दामोदर नदी से जोबिया में रिजरवायर तक पानी सप्लाई के लिए जमीन के अंदर 13 मीटर का लगभग 600 लोहे का पाइप लगाया गया था. तस्करों ने मिट्टी काट कर अधिकांश लोहे की पाइप की चोरी कर ली है. एक पाइप का वजन लगभग तीन टन होता है. इसकी कीमत खुले बाजार में लगभग एक लाख रुपये आंकी जा रही है. लेकिन पुलिसिया कार्रवाई शून्य होने के कारण चोरी पर अब तक अंकुश नहीं लग पाया है.alt="" width="600" height="360" />
ठेके पर दिया जाता है पाइप काटने का काम
दामोदर नदी से जोबिया में अभिजित ग्रुप द्वारा बनाये गए रिजरवायर तक पानी पहुंचाने के लिए बिछाई गई लोहे की पाइप को तस्करों द्वारा जमीन के अंदर निकालने के लिए मजदूर को ठेका दिया जाता है. प्रति पाइप तीन सौ से चार सौ रुपये दिये जाते हैं. कटर मिस्त्री को तस्कर द्वारा गैस उपलब्ध करा कर लंबे पाइप को दो से तीन फीट के टुकड़े कराये जाते हैं. ताकि बाइक से कबाड़ी दुकान तक आसानी से पहुंचाया जा सके. कबाडी दुकानों में 32 से 33 रुपये प्रति किलो चोरी का लोहा खरीदा जाता है. कबाडि़यों के द्वारा वाहनों में लोड कर लोहों को बाहर की मंडियों के लोहा फैक्ट्री तक भेजा जाता है. इसे भी पढ़ें :गिरिडीह">https://lagatar.in/giridih-ccl-male-should-arrange-water-supply-in-the-villages-around-the-colliery/">गिरिडीह: कोलियरी के आसपास गांवों में जलापूर्ति की व्यवस्था करे सीसीएल- माले
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