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उड्डयन मंत्रालय ने झारखंड सरकार से ATF वैट घटाने का किया आग्रह

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  • फ्लाइट बढ़ाने के लिए वैट कम करने की मांग
  • यात्रियों को मिलेगी सुविधा, बढ़ेगी कनेक्टिविटी
  • कई राज्यों ने ATF वैट घटाया, फ्लाइट्स में इजाफा
Ranchi: कोरोना और लॉकडाउन का दौर अब स्थिर होने लगा है. बावजूद इसके रांची से हवाई सेवा रफ्तार नहीं पकड़ रही है. यहां से उड़ानों की संख्या बढ़ाने के लिए अब उड्डयन मंत्रालय स्तर से कोशिशें की जा रहीं हैं. इसके तहत मंत्रालय ने विभिन्न राज्यों से उड़ानों को बढ़ाने के लिए स्थानीय सरकारों से एयर टर्बाईन फ्यूल (ATF) की टैक्स में कमी लाने का आग्रह किया है. मंत्रालय और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने झारखंड सरकार से वैट को कम करने की गुहार लगायी है. जिससे की रांची से यात्रा सस्ती हो और फ्लाइट्स की संख्या में वृद्धि हो सके.

झारखंट में एटीएफ पर 20 फीसदी वैट

उड्डयन मंत्रालय ने झारखंड सरकार से उड़ानों को बढ़ाने के लिए एटीएफ से वैट एक से चार प्रतिशत करने का आग्रह किया है. जबकि राज्य सरकार एटीएफ पर 20 प्रतिशत वैट लेती है. इससे यहां उड़ानों को महंगा इंधन लेकर जाना पड़ता है. यही कारण है कि नयी विमान सेवाएं यहां से उड़ानों को शुरू करने से कतरा रहीं हैं. एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार इंधन सस्ता होने पर रांची से विभिन्न सेक्टर की नयी उड़ानें भी शुरू हो सकेगी. इसे भी पढ़ें-सरकार">https://lagatar.in/krishna-devotees-disappointed-janmashtami-government-dictatorship-government-allow-religious-places-opened-raghuvar-das/">सरकार

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वैट घटने पर उड़ानों में हुई वृद्धि

देश के अन्य राज्यों ने वैट में कमी की है. केरल ने एटीएफ से वैट का प्रतिशत 25 फीसदी से 1 फीसदी कर दिया है. पिछले छह महीने के दौरान इसके तिरूवनंतपुरम एयरपोर्ट से उड़ानों की संख्या 21,516 से बढ़कर 23,566 हो गयी. वहीं तेलंगाना और आंध्र प्रदेश ने भी एटीएफ से वैट 16 प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत कर दिया है. इसका हैदराबाद एयरपोर्ट पर अच्छा असर पड़ा. यहां गत छह महीनों में 76,954 उड़ानें बढ़कर 86,842 हो गई हैं. आंध्र प्रदेश, नागालैंड, उड़ीसा, पंजाब, सिक्किम आदि ने भी एटीएफ से वैट को सीमित कर दिया है. इससे उत्साहित होकर एएआई ने झारखंड समेत देश के अन्य राज्यों से वैट में कमी लाने का आग्रह किया है.

एयरपोर्ट निदेशक ने क्या कहा

रांची एयरपोर्ट के निदेशक विनोद शर्मा ने कहा कि यहां एविएशन टर्बाइन फ्यूल में 20 प्रतिशत वैट ली जा रही है. यह अधिक है. इसके कारण विमान कंपनियां रांची आने से कतराती हैं. यहां से वह महंगा इंधन लेना नहीं चाहती. यदि यहां भी वैट में छूट दिया जाए तो सस्ते इंधन लेने के लिए नई सेवाई रांची आएंगी. इससे यात्रियों के साथ-साथ विमान सेवाओं की संख्या में भी इजाफा होगा. इसे भी पढ़ें-जेल">https://lagatar.in/jail-chowk-case-time-for-reply-to-first-notice-is-not-completed-jnac-sent-second-notice-to-remove-shop/">जेल

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