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डीपीएस बोकारो के अयान को यूपीएससी रक्षा सेवा परीक्षा में देशभर में तीसरा स्थान

लेफ्टिनेंट के रूप में होगी ज्वाइनिंग

Bokaro :  दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), बोकारो के एक और होनहार प्रतिभावान छात्र ने राष्ट्रीय फलक पर अपने विद्यालय, शहर और राज्य का नाम गौरवान्वित किया है. संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) की संयुक्त रक्षा सेवा (सीडीएस)-2 की परीक्षा में इस विद्यालय का छात्र रहे अयान कुमार डे ने देशभर में तीसरा स्थान प्राप्त किया है. अयान ने भारतीय नौसेना अकादमी (आईएनए) में जहां ऑल इंडिया रैंक तीन पाई, वहीं भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की मेरिट लिस्ट में 17वीं रैंकिंग हासिल की है. हालांकि, उसने सैन्य अकादमी को ही चुना है और लेफ्टिनेंट के रूप में ज्वाइनिंग के लिए जुलाई से देहरादून स्थित आईएमए में उसकी ट्रेनिंग शुरू होगी. इसके पूर्व ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) चेन्नई में उसने एनसीसी के आधार पर स्पेशल इंट्री पाई थी. देशभर में उसे 13वां स्थान मिला था और झारखंड से दाखिला पानेवाला वह एकमात्र अभ्यर्थी था. पिछले 1 अप्रैल से ओटीए चेन्नई में उसकी ट्रेनिंग चल ही रही थी कि इसी बीच उसने दो-दो रक्षा सेवाओं में दाखिले के लिए सफलता प्राप्त कर ली. उसकी इस कामयाबी पर डीपीएस बोकारो के प्राचार्य डॉ. एएस गंगवार सहित पूरे विद्यालय परिवार ने खुशी जाहिर की है.

बचपन से ही सैन्य-सेवा में जाने की थी इच्छा 

रामगढ़ निवासी टाटा स्टील (घाटो, वेस्ट बोकारो) के कर्मी संगम कुमार डे और गृहिणी पॉपी डे के पुत्र अयान को बचपन से ही सेना से जुड़कर देशसेवा करने की इच्छा थी. उसने बताया कि उसकी प्रारंभिक स्कूलिंग रामगढ़ स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल से हुई है. उसके दादा, चाचा व रिश्ते के अन्य कई लोग सेना में थे, इसलिए एक माहौल और रुचि का सिलसिला यहीं से शुरू हो गया था. इसके अलावा, वह अपने एक सहपाठी शुभम झा से भी प्रभावित है, जिसके पिता सतीशचंद्र झा कारगिल युद्ध में शामिल रहे हैं. अयान ने कहा कि अन्य सरकारी सेवाओं में भी लोग निश्चय ही देशसेवा ही करते हैं, लेकिन सेना से जुड़कर चौबीसों घंटे, सातों दिन अपनी जान की बाजी लगाकर जी-जान के साथ राष्ट्र-सेवा उसकी ख्वाहिश थी. अब डेढ़ साल के प्रशिक्षण के बाद वह भारतीय सेना में ए ग्रेडिंग के साथ लेफ्टिनेंट के पद पर बहाल हो जाएगा. अयान ने कहा कि डीपीएस बोकारो में बाहरी दुनिया से अवगत होने, एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण और स्व-आकलन का जो अवसर मिला और यहां के शिक्षकों ने उसे जो मार्गदर्शन दिया, उसने उसकी सफलता में अहम भूमिका निभाई. उसने अपने परिवार को भी इसका श्रेय दिया. यह भी पढ़ें : ममता">https://lagatar.in/mamata-is-compromising-national-security-for-vote-bank-politics-bjp-will-win-30-seats-in-the-state-shah/">ममता

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