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गढ़वा में आयुष्मान योजना: पैसा भुगतान नहीं होने से गरीबों का नहीं हो रहा इलाज

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Garhwa: जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत हॉस्पिटल को पैसा भुगतान नहीं होने से फ्री में गरीबों का इलाज नहीं हो पा रहा है. इस बाबत गढ़वा जिला मुख्यालय के आरोग्यम हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर के निदेशक डॉ दीपक पाण्डेय ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत 16 निजी हॉस्पिटल रजिस्टर्ड था. गढ़वा के तत्कालीन उपायुक्त राजेश पाठक ने जांच का आदेश देकर एक टीम गठित की थी. सभी अस्पताल में डॉक्टर हैं या नही, इसकी जांच करनी थी. जांच में गढ़वा जिला मुख्यालय में केवल दो अस्पताल में ही डॉक्टर मौजूद मिले थे. इसके बाद आयुष्मान भारत योजना के तहत पैसे भुगतान पर रोक लगाने के लिए उपायुक्त ने रांची मुख्य्याल को पत्र लिखा था. इसे भी पढ़ें-आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-estimate-amount-of-139-55-crore-sent-to-cwc-did-not-get-approval/">आदित्यपुर

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डीसी ने पैसे के भुगतान पर लगवाई रोक

डीसी के पत्र के बाद से आज तक पैसे का भुगतान लंबित है. जो 2 अस्पताल में डॉक्टर पाए गए थे उसमें आरोग्यम हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर गढ़वा में डॉक्टर दीपक पाण्डेय और परमेश्वरी मेडिकल सेंटर गढ़वा में डॉक्टर कुमार निशांत ही थे. बाकी पूरे गढ़वा जिले के किसी भी प्रखण्ड के निजी अस्पताल में डॉक्टर नही पाए गए थे. वहीं जिस अस्पताल में डॉक्टर पाए गए थे उनका भी भुगतान रोक दिया गया है. वहीं दोंनो असप्ताल के निदेशक ने गढ़वा उपायुक्त को आवेदन देकर भुगतान की गुहार लगाई थी लेकिन अब तक पैसे भुगतान नही हुआ है.

फिर बनी जांच कमेटी

मामले की जांच के लिए फिर जिला से कमेटी गठित की गई. दुबारा जांच कर सिफारिश रांची मुख्यालय को भेजा गया. लेकिन अब तक इस संबंध में कोई जानकारी भी नही मिल पाई है कि क्या फैसला लिया गया. बता दें कि गढ़वा जिला में दो ही अस्पताल में डायलेसिस की सुविधा उपलब्ध है. इसे भी पढ़ें-दुमका">https://lagatar.in/dumka-the-case-of-burning-the-girl-student-by-sprinkling-petrol-mp-sunil-soren-reached-the-hospital-to-inquire/">दुमका

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गरीब मरीजों को रही परेशानी

पूरे मामले में गरीब ही पिस रहे हैं. तकनीकी खामियों का असर गरीब मरीजों पर पड़ रहा है. आयुष्मान योजना से उन्हें काफी राहत मिलती थी जो अब नहीं मिल पा रही है. अब गरीब मरीजों को निशुल्क डायलेसिस का लाभ नही मिल पा रहा है. महीने में 10 से 15 हजार का बचत गरीबों को मिलता था जो अब नहीं मिल रहा. लगभग 2 वर्ष से पैमेंट बंद है. [wpse_comments_template]
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