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शराब घोटाले को लेकर बाबूलाल और सरयू का हेमंत सरकार पर हमला

  • बाबूलाल ने सीएम हेमंत से पूछे 6 सवाल
  • जेएसबीसीएल की गहन जांच करे ईडी- सरयू
Ranchi: कथित शराब घोटाले को लेकर एक बार फिर पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने सीएम हेमंत सोरेन पर हमला किया है. ट्विट कर बाबूलाल ने कहा कि उन्होंने पहले ही झारखंड में शराब घोटाले की आशंका जताई थी, लेकिन मुख्यमंत्री आंख मूंदे रहे और आज आखिरकार छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की आंच झारखंड तक पहुंच गई है. बाबूलाल ने कहा कि जिन विद्वान सलाहकारों के परामर्श से ये पॉलिसी लायी गई थी वो आज खुद छतीसगढ़ में भ्रष्टाचार और ED के जांच के घेरे में हैं. कई बार इसे लेकर उन्होंने सीएम के चेताया भी, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया.आज नतीजा ये हुआ कि छत्तीसगढ़ में जांच कर रही ED ने सीएम के सचिव और उत्पाद आयुक्त तक को तलब कर लिया है. इसे लेकर बाबूलाल ने सीएम से 6 सवाल पूछे हैं. उधर शराब मामले पर सरयू राय भी सोशल मीडिया पर पुराने मामले उठाते हुए इडी से जांच करने की मांग कर रहे हैं. इसे पढ़ें- रिम्स">https://lagatar.in/inauguration-of-pain-and-palliative-care-unit-at-rims/">रिम्स

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जिन कंपनियों पर जुर्माना लगाया उनसे ही करवाया जा रहा काम

बाबूलाल ने कहा कि छ्त्तीसगढ़ी शराब कंसलटेंट, छत्तीसगढ़ी सप्लायरों और झारखंड एक्साइज विभाग ने मिलकर यहां सरकारी राजस्व को 450 करोड़ का घाटा पहुंचा दिया है. छत्तीसगढ़ में ईडी की ताबड़तोड़ कार्रवाई से घबराये एक्साइज डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने मैन पावर एजेन्सीज एटूजेड इंफ्रा सर्विस लिमिटेड, प्राइमवन वर्कफोर्स प्राइवेट लिमिटेड, सुमित फैसिलिटिज लिमिटेड और इगल हंटर सॉल्यूशन लिमिटेड पर 450 करोड़ रुपये की पेनाल्टी करने की कागजी खानापूर्ति कर अपनी गर्दन बचाने की कोशिश की है. उत्पाद विभाग ने इनको 450 करोड़ जुर्माना का नोटिस ऐसे वक्त पर लगाया है, जब इनकी अवधि का मात्र 12 दिन ही बचा हुआ है. इसके बाद भी आखिर क्यों सरकार आज भी इन्हीं एजेंसियों से काम करवा रही है, जबकि ये लोग 450 करोड़ पेनाल्टी देने से बचने के लिए कोर्ट की शरण में जा चुके हैं. इसे भी पढ़ें-  धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-municipal-corporation-scared-of-the-high-court-machine-cleaning-of-roads-started-in-jharia/">धनबाद

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आखिर किसके यहां है वह 7 करोड़ ?

वहीं विधायक सरयू राय ने मांग की है कि ईडी झारखंड बिवरेज कॉरपोरेशन की गहन जांच करे. ये लोग विधानसभा की समिति को भी गुमराह कर रहे हैं. 2017 में प्रेम प्रकाश की कंपनी के 7 करोड़ के शराब घोटाला पर एफआईआर करने उत्पाद आयुक्त भोर सिंह यादव दिन भर थाने में बैठे रहे. शाम में कोई फोन आया. उसके बाद थानेदार ने एफआईआर नहीं लिया. आखिर किसके यहां है यह 7 करोड ? [wpse_comments_template]

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