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पिछले एक साल में CID की गतिविधियों की सार्वजनिक जांच कराएं : बाबूलाल

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सीआईडी की गतिविधियों पर एक बार फिर से सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने सीएम से हवा हवाई बातें छोड़ ठोस कार्रवाई करने की बात कही है. बाबूलाल ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा है कि पिछले एक साल में सीआईडी द्वारा की गई रंगदारी और भ्रष्टाचार की सभी गतिविधियों की सार्वजनिक जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके.  हमने बार-बार आपको बताया है, चेतावनी भी दी है कि आपके प्रशासने में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हो चुकी हैं. आपका सीआईडी विभाग क्या गुल खिला रहा है, इस विषय में भी कई बार आपको अवगत करा चुके हैं.
 

Ranchi :  नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सीआईडी की गतिविधियों पर एक बार फिर से सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने सीएम से हवा हवाई बातें छोड़ ठोस कार्रवाई करने की बात कही है.

 

बाबूलाल ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा है कि पिछले एक साल में सीआईडी द्वारा की गई रंगदारी और भ्रष्टाचार की सभी गतिविधियों की सार्वजनिक जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके. 

 

हमने बार-बार आपको बताया है, चेतावनी भी दी है कि आपके प्रशासने में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हो चुकी हैं. आपका सीआईडी विभाग क्या गुल खिला रहा है, इस विषय में भी कई बार आपको अवगत करा चुके हैं.

कफ सिरप पर किए सवाल खड़े 

बाबूलाल ने कहा कि पिछले साल  गुजरात पुलिस की सूचना के बाद धनबाद के बरवाअड्डा में पुलिस ने प्रतिबंधित कफ सिरप का जखीरा जब्त किया था. यह जानते हुए भी कि इसका इस्तेमाल नशे के लिए होता है, इसे धड़ल्ले से बेचा जा रहा था.

 

सीआईडी ने मामले को टेकओवर किया, लेकिन 14 महीने बीत जाने के बाद भी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की. क्या हम इतने लालची हो गए हैं कि बच्चों को भी नहीं छोड़ेंगे? 

 

इस जानलेवा नशे को हमारी युवा पीढ़ी और बच्चों को बेचने की हिम्मत कैसे हुई? पैसों की अंधी भूख ने आपकी जबान पर जो ताला लगाया है, उसे खोलिए क्योंकि हमारे बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है.

एसीबी तय समय पर चार्जशीट नहीं कर रही दायर

प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ-साथ गृह मंत्रालय का दायित्व भी आपके पास है, लेकिन एसीबी तय समय के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं कर रही है. इसी तरह भ्रष्टाचार और आपराधिक मामलों की जांच पड़ताल में सीआईडी की कार्यशैली संदिग्ध रही है.

 

चाहे पेपर लीक प्रकरण के आरोपियों को बचाना हो, नशे के कारोबारियों को संरक्षण देना हो या जमीन घोटाला करना हो. सीआईडी सदैव इन गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त पाई जाती रही है. यही वजह है कि आम जनता के साथ-साथ अब न्यायालय भी सीआईडी की कार्रवाई की विश्वसनीयता पर संदेह करता है.

 

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