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बगोदर : हरिहर धाम मंदिर श्रद्धालुओं के आस्था का केंद्र

Bagodar (Giridih) : जिले के बगोदर प्रखंड में जमुनिया नदी के किनारे हरिहर धाम मंदिर श्रद्धालुओं के आस्था का केंद्र है. मंदिर की आकृति शिवलिंगाकार है. अंदर में भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित है. यह मंदिर बगोदर-हजारीबाग मुख्य मार्ग पर स्थित है. महाशिवरात्रि के अवसर पर झारखंड और बिहार के अलावा अन्य राज्यों के भी श्रद्धालु जलार्पण करने आते हैं. मंदिर की आंतरिक साज-सज्जा मनमोहक है. मंदिर के बाहरी द्वार पर विशालकाय नंदी की प्रतिमा है. इस मंदिर की स्थापना आज से 70 साल पूर्व की गई थी. कोलकाता से आए अमरनाथ मुखोपाध्याय नामक एक तपस्वी ने यहां तपस्या की. आसपास के लोग तपस्वी को अमरनाथ महाराज के नाम से जानते हैं. उनके तपोबल की चर्चा इलाके में होने लगी. श्रद्धालुओं का यहां जमावड़ा लगने लगा. धीरे-धीरे यहां मंदिर की स्थापना की गई. मंदिर प्रांगण में अमरनाथ महाराज का भी भव्य प्रतिमा है. हरिहर धाम मंदिर में पूजा पाठ के अलावा वैवाहिक संस्कार भी संपन्न कराए जाते हैं. भगवान शंकर को साक्षी मानकर प्रत्येक वर्ष सैकड़ों जोड़े परिणय सूत्र में बंधते हैं. महाशिवरात्रि के अवसर पर शास्त्रीय विधि से भगवान शिव की पूजा होती है. मंदिर को आकर्षक तरीके से सजाया जाता है. शिव बारात निकाली जाती है. भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है. अर्धरात्रि में शिव-पार्वती का विवाह महोत्सव का आयोजन किया जाता है. मंदिर का संचालन ट्रस्ट करता है. मंदिर सौंदर्यीकरण का कार्य लगातार जारी है. मंदिर बगीचे से घिरा है, जिसमें हरे-भरे वृक्ष लगे हैं. मंदिर के पुजारी विजय पाठक ने बताया कि अन्य वर्षों की तरह इस वर्ष भी हर्षोल्लास से शिवरात्रि मनाया जाएगा. तैयारी जोर शोर से चल रही है. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=556134&action=edit">यह

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