Chakulia (Himangshu karan) : बहरागोड़ा प्रखंड में पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे चित्रेश्वर धाम स्थित चित्रेश्वर मध्य विद्यालय बेहतर शिक्षा और बागवानी की एक मिसाल बना है. विद्यालय के शिक्षकों की लगन से यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा दी जा रही है. शिक्षकों ने विद्यालय परिसर में साग, सब्जी और फूलों की खेती की भी की है. विद्यार्थियों को मीनू के हिसाब से मध्यान भोजन तो दिया जाता ही है. विद्यार्थियों को विद्यालय परिसर में उपजाई गई सब्जी अतिरिक्त मिल जाती है. ग्रामीण इस विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक और शिक्षकों के कार्यों की सराहना करते हैं. इसे भी पढ़ें : रुबिका">https://lagatar.in/jharkhand-rubika-murder-case-another-accused-arrested-played-an-important-role-in-disposing-of-the-body-parts/">रुबिका
हत्याकांड : एक और आरोपी गिरफ्तार, शव के टुकड़ों को ठिकाने लगाने में निभाई थी अहम भूमिका
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alt="" width="600" height="400" /> इस विद्यालय में कक्षा 1 से लेकर 8 तक एक सौ विद्यार्थी नाम अंकित हैं. प्रभारी प्रधानाध्यापक रास बिहारी राणा समेत 4 शिक्षक पदस्थापित हैं. विद्यालय में पंचायत स्तर से एक समर सेबल स्थापित की गई थी. इसी से सिंचाई कर विद्यालय परिसर में साग, भिंडी, बैगन, टमाटर, बरबट्टी आदि की शिक्षकों ने खेती की है. विद्यालय परिसर में सहजन के कई पेड़ भी लगाए गए हैं. खेती से प्राप्त साग और सब्जी का उपयोग बच्चों के मध्याह्न भोजन में होता है. विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रकार के फूलों की भी खेती की गई है. यहां के फूल पौराणिक शिव मंदिर में भगवान शंकर पर चढ़ाने के काम आते हैं. प्रभारी प्रधानाध्यापक रासबिहारी राणा ने बताया कि साथी शिक्षकों के सहयोग से सब्जी की खेती संभव हो पा रही है. उन्होंने कहा कि यहां के ग्रामीण भी विद्यालय प्रबंधन को हर संभव सहयोग करते हैं. [wpse_comments_template]
हत्याकांड : एक और आरोपी गिरफ्तार, शव के टुकड़ों को ठिकाने लगाने में निभाई थी अहम भूमिका
मध्याह्न भोजन में बनाई जाती हैं सब्जियां
alt="" width="600" height="400" /> इस विद्यालय में कक्षा 1 से लेकर 8 तक एक सौ विद्यार्थी नाम अंकित हैं. प्रभारी प्रधानाध्यापक रास बिहारी राणा समेत 4 शिक्षक पदस्थापित हैं. विद्यालय में पंचायत स्तर से एक समर सेबल स्थापित की गई थी. इसी से सिंचाई कर विद्यालय परिसर में साग, भिंडी, बैगन, टमाटर, बरबट्टी आदि की शिक्षकों ने खेती की है. विद्यालय परिसर में सहजन के कई पेड़ भी लगाए गए हैं. खेती से प्राप्त साग और सब्जी का उपयोग बच्चों के मध्याह्न भोजन में होता है. विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रकार के फूलों की भी खेती की गई है. यहां के फूल पौराणिक शिव मंदिर में भगवान शंकर पर चढ़ाने के काम आते हैं. प्रभारी प्रधानाध्यापक रासबिहारी राणा ने बताया कि साथी शिक्षकों के सहयोग से सब्जी की खेती संभव हो पा रही है. उन्होंने कहा कि यहां के ग्रामीण भी विद्यालय प्रबंधन को हर संभव सहयोग करते हैं. [wpse_comments_template]
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