Bahragora : ओडिशा के मयूरभंज जिला के बारीपदा के शहीद स्मृति भवन में संथाल एंपाय एसोसिएशन और ओडिशा के 10 आदिवासी संस्थाओं ने संयुक्त रूप से मंगलवार को विश्व आदिवासी दिवस समारोह का आयोजन किया. इसमें मुख्य अतिथि के रूप में पद्मश्री जमुना टुडू उपस्थित हुईं. कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आदिवासियों का इतिहास गौरवमय रहा है. आजादी की लड़ाई में भी आदिवासी समाज के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है.
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/08/Chakulia-Jamuna-Tudu-1.jpg"
alt="" width="1280" height="960" /> इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-harijan-settlement-became-inconsolable-as-soon-as-the-dead-body-of-the-parents-reached/">जमशेदपुर:
माता-पिता का शव पहुंचते ही हरिजन बस्ती हुआ गमगीन आदिवासियों को अपने हक और अधिकार के लिए एकजुट होना होगा, तभी आदिवासी समाज का उत्थान होगा. हमें जल, जंगल और जमीन की रक्षा करने की जरूरत है. आदिवासी समाज प्रकृति का पुजारी है, इसलिए हमें वनों की रक्षा करने की जरूरत है. वन बचेंगे तभी पर्यावरण संतुलित रहेगा. कार्यक्रम सोमनाथ हांसदा, श्रेपदा सिंह, शंभूनाथ मलिक, मानसिंह टुडू, अपु दास, विभास दास, माया माझी, पिंकी माझी अनेक लोग उपस्थित थे. [wpse_comments_template]
alt="" width="1280" height="960" /> इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-harijan-settlement-became-inconsolable-as-soon-as-the-dead-body-of-the-parents-reached/">जमशेदपुर:
माता-पिता का शव पहुंचते ही हरिजन बस्ती हुआ गमगीन आदिवासियों को अपने हक और अधिकार के लिए एकजुट होना होगा, तभी आदिवासी समाज का उत्थान होगा. हमें जल, जंगल और जमीन की रक्षा करने की जरूरत है. आदिवासी समाज प्रकृति का पुजारी है, इसलिए हमें वनों की रक्षा करने की जरूरत है. वन बचेंगे तभी पर्यावरण संतुलित रहेगा. कार्यक्रम सोमनाथ हांसदा, श्रेपदा सिंह, शंभूनाथ मलिक, मानसिंह टुडू, अपु दास, विभास दास, माया माझी, पिंकी माझी अनेक लोग उपस्थित थे. [wpse_comments_template]
Leave a Comment