alt="" width="605" height="1280" /> Bahragora : बहरागोड़ा प्रखंड के ग्रामीण इलाके में ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं की स्थिति बेहतर नहीं है. कहीं स्थापित जलापूर्ति योजना से पानी नहीं निकल रहा है तो कहीं योजना को अधूरी छोड़कर ठेकेदार गायब हो गया है. प्रखंड के पाथरा पंचायत के गौरीशोल गांव के चौक पर स्वीकृत ग्रामीण जलापूर्ति योजना विगत दो साल से अधूरी है. कोई योजना के संवेदक का कोई अता पता नहीं है. ग्रामीण पेयजल के लिए परेशानियां उठा रहे हैं. इसे भी पढ़ें : नोवामुंडी">https://lagatar.in/noamundi-women-of-nuiya-village-are-forced-to-make-lime-from-karo-river-4-km-away/">नोवामुंडी
: 4 किलोमीटर दूर कारो नदी से चूंआ बनाकर पानी लाने को मजबूर हैं नुईया गांव की महिलाएं ग्रामीणों के मुताबिक दो वर्ष पूर्व जल एवं स्वच्छता विभाग के तहत यह योजना स्वीकृत हुई थी. संवेदक ने काम शुरू भी किया. जल टंकी लगाने के लिए लोहे के खंभे गाड़े गए. परंतु इसके बाद काम बंद हो गया. यह योजना 2 साल से अधूरी पड़ी है और संवेदक गायब हो गया है. विभागीय पदाधिकारी और पंचायत के जनप्रतिनिधि भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं. [wpse_comments_template]

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