Search

 
 
 

बहरागोड़ा : समस्याओं के मकड़जाल में अग्निशमन केंद्र, दमकलों में तालाब से भरा जाता है पानी

 
Baharagora (Himanshu karan) : पूर्वी सिंहभूम जिले में बहरागोड़ा प्रखंड सर्वाधिक अग्नि प्रभावित क्षेत्र माना जाता है. लेकिन यहां स्थापित अग्निशमन केंद्र समस्याओं के मकड़जाल में फंसा हुआ है. पदस्थापित कर्मचारियों को जर्जर भवन में रहना पड़ता है. खिड़कियों के शीशे टूटे हुए हैं. बारिश का पानी भी कमरों के अंदर घुस जाता हैं. कई वर्षों से तो भवन की रंगाई पुताई भी नहीं हुई है. वहीं, सबसे खास बात तो यह है कि केंद्र के दो दमकलों में पानी भरने के लिए बोरिंग नहीं है. इस हालत में किसी तालाब के पास दमकलों को ले जाकर पानी भरना पड़ता है. ऐसे में अगलगी की बड़ी घटना होने पर दमकल में पानी भरना एक बड़ी समस्या बन जाती है.  [caption id="attachment_452923" align="aligncenter" width="360"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/10/baharagora1-360x243.jpg"

alt="" width="360" height="243" /> केंद्र में रखे दो दमकल.[/caption] इसे भी पढ़े : जगन्नाथपुर">https://lagatar.in/jagannathpur-zilla-parishad-member-inaugurated-25-kv-transformer-in-baramahuldih/">जगन्नाथपुर

: बड़ामहुलडीह में जिला परिषद सदस्य ने किया 25 केवी ट्रांसफार्मर का उद्घाटन

केंद्र से एनएच तक आने वाली सड़क भी जर्जर

[caption id="attachment_452921" align="aligncenter" width="600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/10/nh.jpg"

alt="" width="600" height="258" /> जर्जर सड़क.[/caption] केंद्र से एनएच तक आने वाली सड़क भी इतनी जर्जर है कि दमकलों के परिचालन में भारी कठिनाई होती है. केंद्र के प्रभारी भूपाल कुमार दास ने बताया कि अग्निशमन केंद्र से एनएच-18 तक जाने वाली सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है. ऐसे में आपात स्थिति में दमकल को केंद्र से मुख्य सड़क तक जाने में काफी समय लग जाता है. साथ ही भवन जर्जर होने से कर्मचारियों को परेशानी होती है. केंद्र में पानी के लिए पर्याप्त बोरिंग भी नहीं है. वहीं, केंद्र में कर्मचारियों की भी कमी है. इन तमाम समस्याओं से वरीय पदाधिकारी को अवगत कराया गया है. इसे भी पढ़े : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-three-day-basketball-tournament-inaugurated-in-jrd/">जमशेदपुर

: जेआरडी में तीन दिवसीय बास्केटबॉल टूर्नामेंट का हुआ शुभारंभ

तत्कालीन विधायक डॉ. दिनेश षाड़ंगी की पहल पर किया गया था केंद्र स्थापित

विदित हो कि बहरागोड़ा के तत्कालीन विधायक सह स्वास्थ्य मंत्री डॉ. दिनेश कुमार षाड़ंगी की पहल पर वर्ष 2002 में अग्निशमन केंद्र स्थापित किया गया था. कुछ साल तक यह केंद्र एनएच के किनारे स्टेडियम में था. इसके बाद अलग से केंद्र भवन बना. फिलहाल इस केंद्र में आठ कर्मचारी पदस्थापित हैं. यह अग्निशमन केंद्र राज्य का एक ऐसा अग्निशमन केंद्र है, जो प्रखंड स्तर पर स्थापित है. इस प्रखंड में खासकर गर्मी के मौसम में घरों व जंगल में आग लगने का सिलसिला शुरू हो जाता है. क्षेत्र में अगलगी की कई बड़ी घटनाएं भी हो चुकी हैं. जंगल की आग से भी घरों में आग लगती रहती है. इस केंद्र का कार्य क्षेत्र भी बड़ा है, इसलिए इसका महत्व काफी है. लेकिन यह केंद्र सरकारी उपेक्षा का दंश झेल रहा है. इसे भी पढ़े : किरीबुरू">https://lagatar.in/kiriburu-two-minor-girls-missing-relatives-appeal-to-police-for-help/">किरीबुरू

: दो नाबालिक लड़की लापता, परिजनों ने लगाई पुलिस से मदद की गुहार
[wpse_comments_template]  
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही