alt="" width="1280" height="605" /> सूखे खेतों में बैठे किसान.[/caption] इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-mahasar-matas-court-will-decorate-five-in-sakchi-agrasen-bhawan/">जमशेदपुर
: साकची अग्रसेन भवन में पांच को सजेगा महासर माता का दरबार किसानों के मुताबिक समय पर बारिश नहीं हुई. अगर बारिश हुई भी तो अब पर्याप्त मात्रा में. इसके कारण धान के बिचड़े खेतों में ही सूख गए और धान की रोपनी नहीं हो पाई. किसान सुशील पातर, कृष्ण पातर, सत्य पातर, मंगल सोरेन, रथु मुर्मू, पागान सोरेन कान्हाइ लाल मुर्मू, सुकरा पातर सुर्दशन पातर, संजीव पातर, दाखिन मुर्मू, माताल मुर्मू, रथी मुर्मू ने कहा कि धान की खेती नहीं होने से स्थिति भयावह हो गई है. किसानों ने कहा कि स्वर्णरेखा परियोजना की नहर भी किसी काम नहीं आई. नहर के किनारे के खेतों में भी धान की रोपनी नहीं हो पाई. क्षेत्र में सिंचाई के लिए कोई साधन उपलब्ध नहीं है. [wpse_comments_template]

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