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बहरागोड़ा : अंतर प्रांतीय बस टर्मिनल का भवन जर्जर, नहीं होती सफाई, पेयजल व शौचालय की भी उचित व्यवस्था नहीं

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Bahragora : बहरागोड़ा में राष्ट्रीय उच्च पथ 18 के किनारे लगभग ढाई करोड़ की लागत से वर्ष 2015 में बने जिला परिषद के बस टर्मिनल (स्टैंड) में यात्री सुविधाओं का घोर अभाव है. यह एक अंतर प्रांतीय बस टर्मिनल है, जहां से रोजाना तीन राज्यों की करीब 70 यात्री वाहनों का परिचालन होता है. बस टर्मिनल का भवन भी जर्जर हो गया है और छत का प्लास्टर टूट कर गिर रहा है. छत पर उगे पौधे अब वृक्ष का रूप ले रहे हैं. भवन इतना जर्जर हो गया है कि यहां कभी भी कोई हादसा हो सकता है. बस टर्मिनल परिसर में यात्रियों के लिए न तो पेयजल और न ही शौचालय की उचित व्यवस्था है. कुछ साल पहले तत्कालीन विधायक कुणाल षाड़ंगी की निधि से निर्मित सुलभ शौचालय भी जर्जर हालत में है. ऐसे में महिला यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. बस टर्मिनल परिसर में रात होते ही अंधेरा पसर जाता है. परिसर में लाखों की लागत से स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं, लगाने के बाद से कभी जली नहीं. न ही किसी ने उसे जलाने का प्रयास किया. किसी ने जांच भी नहीं की कि लाइटें खराब हैं या ठीक हैं. टर्मिनल परिसर में साफ-सफाई का भी अभाव है. परिसर में यत्र-तत्र कचरे बिखरे पड़े हैं. इस कारण यात्रियों को परेशानियां उठानी पड़ती हैं. बस टर्मिनल में यात्रियों के बैठने की भी कोई सुविधा नहीं है.

बस स्टैंड के संचालक ने खुद करवाया बिजली का कनेक्शन

[caption id="attachment_200833" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2021/12/BAHRAGORA-BUS-TURMINAL-TOILET-1-300x225.jpg"

alt="" width="300" height="225" /> बस टर्मिनल का जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पड़ा शौचालय.[/caption] बस टर्मिनल को ठेकेदार निर्मल कुमार दुबे को सालाना 14 लाख के ठेका पर दिया गया है. पांच साल से वही वहां का संचालन कर रहे हैं. निर्मल कुमार दुबे ने बताया कि इस टर्मिनल में सरकार द्वारा कोई सुविधा नहीं दी गई है. बिजली की भी व्यवस्था नहीं थी. उन्होंने निजी स्तर से बिजली का कनेक्शन करवाया ताकि पानी के लिए समरसेबल चलाया जा सके. परिसर में पेयजल की व्यवस्था उन्होंने निजी स्तर से कराई है. भवन की जर्जरता को लेकर भी संबंधित पदाधिकारियों से पत्राचार किया गया है. यात्री सुविधाओं को बहाल करने के लिए भी उन्होंने संबंधित विभाग को पत्र लिखा है, लेकिन अब तक कोई पहल शुरू नहीं की गई है. जिला परिषद के उपाध्यक्ष ने इस संबंध में कहा कि वहां की व्यवस्थाओं की वे जानकारी लेंगे और आगे की कार्रवाई करेंगे. वहां की व्यवस्थाओं और सुविधाओं पर ध्यान दिया जाएगा. [wpse_comments_template]

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