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सांसद पर हैं भाजपाइयों की निगाहें
उल्लेखनीय है कि 2015 का पंचायत चुनाव झामुमो के तत्कालीन विधायक कुणाल षाड़ंगी के नेतृत्व में लड़ा गया था. लेकिन पंचायत चुनाव 2022 में स्थिति बिल्कुल उलट है. इस बार बहरागोड़ा प्रखंड में जिला परिषद के तीनों अंशों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार विजयी हुए हैं. इसलिए भाजपाइयों के हौंसले बुलंद हैं. साथ ही भाजपा समर्थक अपने समर्थित पंचायत समिति सदस्य को प्रमुख और उप प्रमुख बनाने की जोड़-तोड़ में जुट गये हैं. वहीं, भाजपाइयों की निगाहें अब सांसद विद्युत वरण महतो पर है. समर्थको का मानना है कि सांसद ही उलट फेर कर सकते हैं. दूसरी ओर भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी ने भी इस पंचायत चुनाव में अहम भूमिका अदा की है. हालांकि, भाजपा में दिक्कत इस बात की है कि पार्टी में गुटबाजी है. ऐसा माना जा रहा है कि भाजपा में गुटबाजी बाधक बन सकती है. इसे भी पढ़े : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-sabar-and-primitive-tribal-families-of-the-district-will-be-connected-with-the-mainstream-dc/">जमशेदपुर: जिले के सबर एवं आदिम जनजाति परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा- डीसी
झामुमो की प्रतिष्ठा का विषय
इधर, विधायक समीर महंती के नेतृत्व में झामुमो ने भी अपने समर्थित पंचायत समिति सदस्यों को प्रमुख और उप प्रमुख बनाने की कवायद शुरू कर दी है. प्रमुख और उप प्रमुख का पद झामुमो के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गया है. जिला परिषद अंशों पर मिली हार के बाद झामुमो इस प्रयास में जुटा है कि कम से कम अपने समर्थित पंचायत समिति सदस्य को प्रमुख और उप प्रमुख के पद पर काबिज कराया जाए. इसी कोशिश में झामुमो समर्थक जुट गए हैं और पंचायत समिति सदस्यों से लगातार संपर्क कर रहे हैं. इसे भी पढ़े : चांडिल">https://lagatar.in/chandil-chhau-dance-of-ichagarh-seen-in-the-closing-match-of-ipl-2022-at-narendra-modi-stadium-ahmedabad/">चांडिल: नरेंद्र मोदी स्टेडियम अहमदाबाद में आईपीएल के समापन मैच में दिखा ईचागढ़ का छऊ डांस [wpse_comments_template]

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