Baharagora (Himangshu Karan) : बहरागोड़ा प्रखंड कृषि के मामले में झारखंड में अहम स्थान रखता है. इस प्रखंड को धान का कटोरा कहा जाता है. गरमा धान की खेती में यह प्रखंड पूरे राज्य में अव्वल माना जाता है. एक आकलन के मुताबिक इस वर्ष भी इस प्रखंड में 10 हजार हेक्टेयर से अधिक खेत में गरमा धान की खेती हुई है. पूरा क्षेत्र गरमा धान के पौधों की हरियाली से हरीतिमा का चादर ओढ़े है. खासकर प्रखंड के पूर्वांचल में गरमा धान की खेती बड़े पैमाने पर होती है. पिछले दो दिनों से हुई बारिश गरमा धान की फसल के लिए अमृत वर्षा साबित हुई है. इससे किसान हर्षित हैं. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-demand-for-free-medicine-for-mental-patients-and-construction-of-housing-for-leprosy-victims/">जमशेदपुर
: मानसिक रोगियों को निःशुल्क दवा एवं कुष्ठ पीड़ितों के लिए आवास निर्माण की मांग इस प्रखंड क्षेत्र में सिंचाई के लिए सरकारी सुविधाएं नगण्य हैं. किसान निजी स्तर से खेत में सेलो बोरिंग स्थापित कर सिंचाई करते हैं. किसानों के मुताबिक पिछले दो दिन हुई बारिश से गरमा धान की फसल को फायदा होगा. बारिश होने से पंप चलाकर सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी. इससे बिजली की खपत भी नहीं होगी. किसान गौतम बेरा, सोमनाथ पात्र, सत्यवान साव, कमल लोचन पात्र, रूपेश भोक्ता, जयंत घोष, गणेश खामराई, पप्पू पाल, दिनेश पाल आदि ने कहा कि पिछले दो दिन हुई हो बारिश गरमा धान की फसल के लिए अमृत साबित होगी. [wpse_comments_template]
बहरागोड़ा : “धान के कटोरे” में हुई अमृत वर्षा, किसान हर्षित

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