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बहरागोड़ा : जंगली हाथियों से चिंतित हैं गरमा धान की खेती करने वाले किसान

Baharagora (Himangshu Karan) : पश्चिम बंगाल सीमा से सटे बहरागोड़ा प्रखंड के पूर्वांचल के इलाकों में गरमा धान की खेती करने वाले किसान जंगली हाथियों के कारण चिंतित हैं. खेतों में गरमा धान की फसल तैयार होते ही जंगली हाथियों का उपद्रव बढ़ गया है. जंगल से निकलकर जंगली हाथी गरमा धान की फसल को रौंदकर और खा कर नष्ट कर रहे हैं. हालांकि वन विभाग की क्विक रिस्पांस टीम हाथियों पर नजर रखे हुए है. बावजूद इसके जंगली हाथी उपद्रव मचा रहे हैं. इसे भी पढ़ें : घाटशिला">https://lagatar.in/ghatshila-meeting-of-vishwa-hindu-parishad-and-bajrang-dal-district-unit-concluded/">घाटशिला

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शाम होते ही उपद्रव मचाना शुरू कर देते हैं हाथी

जानकारी हो कि बहरागोड़ा के पूर्वांचल इलाके में बड़े पैमाने पर किसानों ने गरमा धान की खेती की है. धान की फसल पकनी शुरू हो गई है और कहीं कहीं कटाई भी हो रही है. इलाके की कई पंचायतें पश्चिम बंगाल की सीमा से सटी हुई है और यह इलाका जंगलों से भरा है. बड़शोल थाना क्षेत्र के खंडामौदा, जगरनाथपुर, कुमारडूबी, सांडरा, खेड़ुआ इलाके में जंगली हाथियों का उपद्रव अधिक रहता है. शाम होते ही हाथी जंगल से निकलकर धान के खेतों में उपद्रव मचाने लगते हैं. विगत 5 साल से इस इलाके में जंगली हाथियों का उपद्रव लगातार बढ़ता जा रहा है. प्रत्येक साल किसानों को हाथियों के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ता है. यहां के किसानों के लिए जंगली हाथी किसी प्राकृतिक आपदा से कम नहीं हैं. [wpse_comments_template]

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