Baharagoda (Himangshu karan) : बहरागोड़ा प्रखंड में गरमा धान की फसल में कीड़े लगने से किसान चिंतित हैं. क्योंकि उत्पादन कम होगा और किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा. किसानों का कहना है कि ठीक धान पकने के समय कीड़े के प्रकोप से धान के डंठल सूख जा रहे हैं. कीटनाशक का छिड़काव करने से कोई फायदा नहीं हो रहा है. किसानों की मांग है कि कृषि वैज्ञानिक आकर फसल की जांच करें और इस कीड़े से निजात पाने के लिए सुझाव दें. इसे भी पढ़ें :मिड">https://lagatar.in/mid-day-meal-scam-sanjay-tiwaris-discharge-plea-rejected/">मिड
डे मील घोटाला : संजय तिवारी की डिस्चार्ज याचिका खारिज
: छह मई से शुरू होगी एक से सात कक्षा तक की परीक्षा, कार्यक्रम घोषित [wpse_comments_template]
डे मील घोटाला : संजय तिवारी की डिस्चार्ज याचिका खारिज
कृषि पदाधिकारी को कराया गया अवगत
अगर सही समय इसका समाधान नहीं किया गया तो किसान की मेहनत और लागत दोनों ही बेकार हो जाएगी. प्रखंड के कैमी,धाधिका,छनबाढ़िया, गामारिया,साकरा क्षेत्र में कीड़े का प्रकोप सबसे अधिक है. किसान रंजीत धावड़िया, धुसा धावड़िया, कृष्णा दलाई, चैतन दलाई, गोपाल मंडल, कोची नायेक, विजय चौधरी ने कहा कि वे कृषि पदाधिकारी को अवगत करा चुके हैं. फिर भी कोई पहल नहीं हुई है. ज्ञात हो कि बहरागोड़ा प्रखंड में बड़े पैमाने पर किसान गरमा धान की खेती करते हैं. इन दिनों गरमा धान की फसल पकने लगी है. ऐसे समय में कीड़ों का प्रकोप होने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा. इसे भी पढ़ें :चांडिल">https://lagatar.in/chandil-examination-of-class-one-to-seven-will-start-from-may-6-program-announced/">चांडिल: छह मई से शुरू होगी एक से सात कक्षा तक की परीक्षा, कार्यक्रम घोषित [wpse_comments_template]
Leave a Comment