: शहर में तेजी से बढ़ रहे कोरोना मरीज, पांच आवासीय विद्यालयों में दूसरे दिन मिले 34 संक्रमित)
बिहार: एक जेल अधिकारी ने पुष्टि की है कि गैंगस्टर से राजनेता बने आनंद मोहन सिंह आज सहरसा जेल से रिहा हुए।
बिहार सरकार ने हाल ही में आनंद मोहन सिंह सहित 27 दोषियों को रिहा करने की अनुमति देते हुए जेल नियमों में संशोधन किया था। वह 1994 में गोपालगंज के तत्कालीन जिलाधिकारी जी… pic.twitter.com/6PTzHBpyjm">https://t.co/6PTzHBpyjm">pic.twitter.com/6PTzHBpyjm
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27, 2023
जी कृष्णैया की बेटी पद्मा ने जतायी नाराजगी
आनंद मोहन की रिहाई पर जी कृष्णैया की बेटी पद्मा ने नाराजगी जतायी. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने जो आनंद मोहन की रिहाई का फैसला लिया है वह बहुत ही गलत है. हम चाहते हैं कि सरकार इसपर पुनर्विचार करे. हम इस फैसले के खिलाफ अपील करेंग.नीतीश कुमार ने जो आनंद मोहन की रिहाई का फैसला लिया है वह बहुत ही गलत है। हम चाहते हैं कि सरकार इसपर पुनर्विचार करे। हम इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे: आनंद मोहन की रिहाई पर गोपालगंज के तत्कालीन जिलाधिकारी जी कृष्णैया (जिनकी 1994 में गैंगस्टर से नेता बने आनंद मोहन सिंह ने हत्या कर… pic.twitter.com/28K3cdP5O1
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27, 2023
सरकार के फैसले के खिलाफ पटना हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल
बिहार सरकार द्वारा लोक सेवक हत्या कानून और और जेल मैनुअल में संशोधन की वजह से उनकी रिहाई संभव हो सकी है. बता दें कि 24 अप्रैल शाम को आनंद मोहन सहित 27 कैदियों की रिहाई के आदेश दिये गये थे. आनंद मोहन की रिहा किये जाने के फैसले का आईएएस एसोसिएशन सहित कई लोगों ने ऐतराज जताया था. बिहार सरकार के फैसले के खिलाफ पटना हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दाखिल की गयी है. याचिका में रिहाई की अधिसूचना को निरस्त करने की मांग की गयी है. इसे भी पढ़ें : सिमडेगा">https://lagatar.in/simdega-competition-organized-for-awareness-of-sports-and-education/">सिमडेगा: खेल और शिक्षा के प्रति जागरुकता को लेकर प्रतियोगिता का आयोजन
26 अप्रैल पैरोल की अवधि हुई थी खत्म
बता दें कि पूर्व सांसद आनंद मोहन के बेटे की सगाई थी. वे 15 दिन के पैरोल पर जेल से बाहर आये थे. 26 अप्रैल बुधवार को पैरोल की अवधि खत्म होने के बाद उन्होंने जेल में हाजिरी दी थी. रात भर जेल में रहने के बाद उन्हें गुरुवार की अहले सुबह रिहा कर दिया गया.डीएम जी कृष्णैया हत्या मामले में मुख्य आरोपी थे आनंद मोहन
मालूम हो कि करीब 16 साल पहले बिहार में गोपालगंज के डीएम जी कृष्णैया की हत्या हुई थी. इस मामले में मुख्य आरोपी और बाहुबली सांसद आनंद मोहन सिंह को आजीवन कारावास की सजा हुई थी. हालांकि हत्या के मामले में उनकी सजा पूरी हो गयी थी. लेकिन लोक सेवक हत्या के मामले की वजह से उनकी रिहाई नहीं हो पा रही थी और वह करीब 16 साल से सहरसा जेल में बंद थे. हालांकि बिहार में नीतीश कुमार की सरकार बनने के बाद उन्हें कई बार पैरोल भी मिला है. लेकिन अब बिहार सरकार ने उन्हें जेल से रिहा कराने के लिए बिहार के लोक सेवक हत्या कानून में संशोधन किया है. इसे भी पढ़ें : सिरम">https://lagatar.in/siram-toli-sarna-beautification-controversy-work-could-not-start-despite-administrations-preparation/">सिरमटोली सरना सौंदर्यीकरण विवाद : प्रशासन की तैयारी के बावजूद शुरू नहीं हो सका काम [wpse_comments_template]

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