फोरेंसिक रिपोर्ट को मजबूत आधार बनाया
जानकारी के मुताबिक, सीबीआई ने पूरे मामले में फोरेंसिक रिपोर्ट को बड़ा आधार बनाया है. दरसअल सीबीआई की फोरेंसिक टीम ने 2019-20 में घटनास्थल का जायजा लिया था. इस दौरान मौके से मिट्टी आदि के नमूने भी लिए थे. इसके बाद गोली, कपड़े आदि का सैंपल लिया था. मुठभेड़ के बाद अभियान में शामिल जवानों ने शवों का फोटो लिया था. उस फोटो को भी एफएसएल की टीम ने रिकवर किया था. एफएसएल की टीम ने कुछ महीने पहले सीबीआई की जांच टीम को अपनी रिपोर्ट दी थी. इसी रिपोर्ट में कहा गया कि सभी की मुठभेड़ में जान गई है. एफएसएल की रिपोर्ट को सीबीआई ने एक मजबूत आधार मानते हुए सभी को क्लीन चिट दी है. क्लोजर रिपोर्ट में मुठभेड़ को सही बताया गया है.
झारखंड हाइकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने दर्ज की थी प्राथमिकी
पलामू के सतबरवा थाना क्षेत्र के बकोरिया में आठ जून 2015 को हुई कथित पुलिस-नक्सली मुठभेड़ के मामले में सीबीआई दिल्ली ने प्राथमिकी दर्ज की थी. यह प्राथमिकी झारखंड हाइकोर्ट के 22 अक्टूबर 2018 को दिए आदेश पर दर्ज की गयी थी. इस घटना में पुलिस ने 12 लोगों को मुठभेड़ में मारने का दावा किया था. मृतकों के परिजनों ने इसे फर्जी मुठभेड़ बताते हुए हाइकोर्ट में सीआईडी की जांच पर सवाल उठाते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी. सीबीआई ने पलामू के सदर थाना कांड संख्या 349/2015, दिनांक 09 जून 2015 के केस को टेकओवर करते हुए प्राथमिकी दर्ज की थी.
इसे भी पढ़ें – लातेहार">https://lagatar.in/crpf-jawans-started-cleanliness-campaign-in-latehar/">लातेहार
में सीआरपीएफ जवानों ने चलाया स्वच्छता अभियान [wpse_comments_template]
में सीआरपीएफ जवानों ने चलाया स्वच्छता अभियान [wpse_comments_template]

Leave a Comment