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प्राथमिकी दर्ज करने के विरोध में 3 अप्रैल को बालुमाथ बंद का आह्वन

Latehar :  रामनवमी पर निजी व सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को नहीं मानने के आरोप में बालुमाथ थाना में 16 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है. सीओ द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में तीन पत्रकारों को भी आरोपी बनाया गया है. 

 

बिना कारण प्राथमिकी करने के विरोध में तीन अप्रैल को बालुमाथ बंद का आह्वन किया गया है. बंद का निर्णय हिंदु समाज की बैठक में लिया गया. बैठक में कहा गया कि रामनवमी का पर्व हर्षोल्‍लास व पारंपरिक तरीके से मनाया गया. कहीं कोई विवाद का अप्रिय घटना नहीं हुई, बावजूद इसके प्रशासन ने 16 लोगों पर नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी है. 

 

बीते 30 मार्च को दर्ज प्राथमिकी में अंचला‍धिकारी ने कहा है कि प्रशासन ने रामनवमी के दौरान रात्रि 10 बजे से सुबह छह बजे तक डीजे नहीं बजाने, सार्वजनिक स्‍थानों पर 100 डेसीबल से अधिक आवाज में डीजे नहीं बजाने और साउंड सिस्‍टम झंडा समेत चार मीटर (14 फीट) से अधिक उच्‍ची नहीं रखने का निर्देश दिया था.

 

लेकिन  बालुमाथ के तीनों अखाड़ों ने अंडरटेकिंग (वचन पत्र) देने के बाद भी किसी दिशा निर्देश का पालन नहीं किया. प्राथमिकी में कहा गया है कि निर्धारित उच्‍चाई से अधिक उच्‍चा झंडा व सांउड सिस्‍टम लगाने से कई लोगों के घरों को नुकसान पहुंचा है. 

 

अंचलाधिकारी के आवेदन पर महावीर मंडल के अध्‍यक्ष रौशन कुमार गुप्‍ता, दिवाकर प्रसाद उर्फ धोनी, तुलसी साव, शैलेस सिंह, प्रेम प्रसाद गुप्‍ता, सुरेंद्र प्रसाद, गुड्डू पांडेय,  शशिभूषण गुप्‍ता, विनोद कुमार, गोविंद प्रसाद, पंचानन पांडेय, अमन सिन्‍हा, संजय पुरैयार, बहादुर साव, राजेंद्र साव उर्फ राजेंद्र चावल (सभी बालुमाथ) सुनील पांडेय (चेताग) के अलावा तीनों अखाड़ों के सभी सदस्‍यों एवं तीन वाहनों के मालिकों व चालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है.

 

 

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