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प्रखंड निर्वाची पदाधिकारियों की मनमानी पर लगे रोक, बीजेपी ने की राज्य निर्वाचन आयुक्त से शिकायत

Ranchi : बीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य निर्वाचन आयुक्त से पंचायत चुनाव प्रक्रिया में प्रखंड निर्वाची पदाधिकारियों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग की है. प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि राज्य में पंचायत चुनाव के लिए नामांकन, स्क्रूटनी आदि की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से चल रही है. लेकिन इसी बीच कई प्रखंडों में निर्वाची पदाधिकारियों की मनमानी भी उजागर हुई है. कई प्रत्याशियों ने शिकायत दर्ज कराई है कि नामांकन के अंतिम समय में उन्हें अयोग्य घोषित किया जा रहा. पिछले चुनाव के खर्च का हिसाब नहीं देने और अपने ऊपर हुए मुकदमों की जानकारी नहीं देने की बात कहकर प्रत्याशियों का नामांकन अयोग्य घोषित किया जा रहा है.

योग्य प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने का मौका मिलना चाहिए

बीजेपी ने कहा कि राज्य में पंचायत चुनाव दलगत आधार पर नहीं हो रहे, लेकिन यह सूचना मिल रही है कि सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधि प्रखंड के पदाधिकारियों पर दबाव बनाकर अपने विरोधी प्रत्याशियों के नामांकन रोकने की कोशिश कर रहे हैं. प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्याशियों में कानूनी प्रक्रिया की जानकारी बेहद कम होती है. ऐसे में उन्हें समुचित समय उपलब्ध कराते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर दिया जाना चाहिये. जिससे लोकतंत्र की जड़ें और गहरी होंगी और शासन -प्रशासन के प्रति जमीनी स्तर पर विश्वास बढ़ेगा.

स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करने की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने राज्य निर्वाचन आयुक्त से अपील की है कि योग्य प्रत्याशियों के नामांकन में आ रही अनावश्यक की परेशानियों को दूर करने की कोशिश की जाए. साथ ही इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश आयोग द्वारा जारी किया जाए, क्योंकि दो चरणों के नामांकन में इस अस्पष्टता ने पूरे प्रदेश में प्रत्याशियों को प्रभावित किया है. इसे भी पढ़ें - रिटायर्ड">https://lagatar.in/retired-justice-said-government-or-anyone-cannot-be-dismissed-in-the-mining-lease-case-citing-three-decisions-of-the-supreme-court/">रिटायर्ड

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