लाभ के लिए हमें गलत तरीके से फंसाया गया : इरफान अंसारी
आयुष्मान से जितने मरीजों का सरकारी अस्पताल में इलाज करेंगे, उतना ही प्राइवेट अस्पताल में भी करना होगा
वहीं बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि कई बार ऐसा देखने को मिला है कि सरकारी अस्पताल के चिकित्सक 47 आयुष्मान के मरीजों को देखते हैं, और वही चिकित्सक प्राइवेट अस्पतालों में दो हजार मरीजों को देखते हैं. यह एक बड़ा अंतर है. ऐसे में विभाग ने निर्देशित किया है कि हमारे सरकारी चिकित्सक प्राइवेट में आयुष्मान से जितने मरीजों का इलाज करेंगे उतने ही मरीजों का इलाज सरकारी अस्पताल में भी करना होगा. ऐसे में निर्णय लिया गया है कि राज्य के सरकारी चिकित्सक चार अस्पतालों में ही प्राइवेट प्रैक्टिस कर सकते हैं.एमपीए में चिकित्सक और मरीज दोनों का रखा जाएगा ख्याल
बन्ना गुप्ता ने कहा कि मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट में जन हित सर्वोपरि होगा. एक्ट का प्रारूप तैयार कर लिया गया है. मुख्यमंत्री से विमर्श के उपरांत इस पर निर्णय लिया जाएगा.. एक्ट में मरीजों और चिकित्सकों दोनों का ख्याल रखा गया है. इसे जल्द ही आईएमए और झासा के साथ साझा किया जाएगा. इसे भी पढ़ें- रांची">https://lagatar.in/disaster-rain-in-ranchi-hundreds-of-trees-fell-on-the-roads-water-logging-in-dozens-of-localities-and-roads-power-supply-stopped/">रांचीमें आफत की बारिश : सड़कों पर गिरे सैकड़ों पेड़, दर्जनों मुहल्लों-सड़कों में जलजमाव, बिजली सप्लाई बंद - क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट में भी राहत देने को लेकर चर्चा हुई है. समीक्षात्मक बैठक में मौजूद संगठन ने विभाग एवं सरकार आग्रह किया है कि हरियाणा के तर्ज पर 50 बेड से कम वाले अस्पतालों को राहत दी जाए. ऐसे में आश्वासन दिया गया है कि इसे तैयार करते हुए इसमें जरूरी सुधार किए जाएंगे. - आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से संबंधित अस्पताल के बकाए भुगतान को लेकर भी चर्चा हुई है. आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही पैसा रिलीज कर दिया जाएगा.

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