alt="" width="960" height="1280" /> Bandgaon (A K Tiwari) : प्रकृति उपासना का पर्व करमा मंगलवार को कराईकेला पंचायत के कितापीड गांव में धूमधाम से मनाया गया. ग्रामीणों ने सुख और समृद्धि की कामना की. करम राजा की पूजा करने के लिए ग्रामीणों ने मंगलवार को निर्जला उपवास रखा था. मंगलवार की शाम करम डाली को अखाड़ा स्थल पर स्थापित कर फल-फूल, जौ, धान और बालू के साथ पूजा अर्चना की गई. करमा पर्व को लेकर कराईकेला इलाके में उत्सव का माहौल है. कितापीड के तुलसी महतो के घर में करमा पूजा को लेकर विशेष आयोजन किया गया है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-many-poets-and-litterateurs-associated-with-the-country-and-abroad-in-the-poetry-seminar-of-kirti-kalam/">जमशेदपुर
: कीर्ति कलम की काव्य गोष्ठी में देश-विदेश से जुड़े कई कवि और साहित्यकार तुलसी महतो ने बताया कि ग्रामीण जंगल से करमा पेड़ की तीन डालियों को काटकर अखाड़े के बीचो-बीच गाड़ते हैं. महिलाएं करम डाली की पूजा अर्चना के लिए ढोल एवं मांदर की थाप पर करमा गीत गाती हुई पूजा स्थल पर पहुंचेंगी. रातभर जागरण होगा साथ ही पारंपरिक वेशभूषा में गीत गाकर समूह नृत्य प्रस्तुत की जाएंगी. वहीं करम डाली लाने के दौरान युवक-युवतियां मांदर की थाप पर थिरकती नजर आईं. इसके साथ ही आज तोरे करम राजा घरे-दुवारे कल तोरे करम राजा शंख लदीर पारे तथा इति इति जावा किया किया जावा जैसे गानों से गांव-गांव गूंजता रहा. [wpse_comments_template]

Leave a Comment