Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

बांग्लादेश : इस्कॉन संत चिन्मय कृष्ण दास की जमानत याचिका खारिज, पूर्व राजदूत ने कहा, यह न्याय का मजाक

Kolkata/NewDelhi : इस्कॉन संत चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी को चट्टोग्राम अदालत (बांग्लादेश) द्वारा जमानत देने से इनकार किये जाने की खबर है. इसे कोलकाता इस्कॉन के वीपी राधा रमन दास ने बेहद दुखद खबर करार दिया है. कहा कि हम जानते हैं कि पूरी दुनिया की नजर इस मामले में थी. सभी को उम्मीद थी कि नये साल में चिन्मय प्रभु को जमानत मिल जायेगी, लेकिन 42 दिन बाद भी उनकी जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी. चटगांव (चट्टोग्राम) कोर्ट के इस फैसले पर बांग्लादेश में भारत की राजदूत रह चुकीं वीना सीकरी ने गहरी निराशा व्यक्त की.

देशद्रोह का आरोप लगाया है, लेकिन कोई सबूत सामंने नहीं रखा गया 

वीना सीकरी  ने इसे न्याय का मजाक बताया है. कहा कि कोई सबूत नहीं दिया गया है. सीकरी ने चिन्मय के खिलाफ देशद्रोह के आरोपों का समर्थन करने वाले सबूतों की कमी की ओर इशारा किया. सीकरी न्यूज एजेंसी एएनआई से बात कर रही थी, सीकरी ने कहा, यह बहुत दुखद है. यह दुखद है. यह न्याय का उपहास है कि चिन्मय कृष्ण दास को एक बार फिर जमानत देने से इनकार कर दिया गया. उन पर देशद्रोह का आरोप लगाया है, लेकिन कोई सबूत सामंने नहीं रखा गया है.

न्यायपालिका एक नये बांग्लादेश की विचारधारा का पालन कर रही है

विदेश मामलों के विशेषज्ञ रवींद्र सचदेवा ने कहा कि ऐसा लगता है कि बांग्लादेश की न्यायपालिका सरकार के निर्देशों या इस धारणा पर व्यवस्थित रूप से काम कर रही है कि हिंदू अल्पसंख्यकों के तत्वों और उनके खिलाफ मामलों से एक निश्चित तरीके से निपटा जाना चाहिए. कहा कि चिन्मय के खिलाफ आरोप गंभीर नहीं हैं. ऐसा लगता है कि न्यायपालिका एक नये बांग्लादेश की विचारधारा का पालन कर रही है, जहां वे इस्लाम को देश का प्राथमिक धर्म बनाना चाहते हैं.

बांग्लादेश अलगाववादियों का स्वर्ग बन गया है : विहिप  

विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा,  कि बांग्लादेश अलगाववादियों का स्वर्ग बन गया है. लगता है कि उनकी न्यायपालिका जिहादियों के दबाव में काम कर रही है. यह विकृत, जिहादी, हिंदू विरोधी और बांग्लादेश विरोधी मानसिकता का प्रतीक है. कहा कि बांग्लादेश के युवाओं ने इस्लाम की छवि को नष्ट कर दिया है.

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही