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बनवारी साहु कॉलेज को नैक से बी ग्रेड की मान्यता मिली

Ashish Tagore Latehar :  शहर के बनवारी साहु कॉलेज को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्ययन परिषद (नैक) से बी ग्रेड की मान्यता प्राप्त हुई है. चालू सत्र में झारखंड में यह पहला कॉलेज है, जिसे नैक से बी ग्रेड प्राप्त हुआ है. बता दें कि बीते 28 और 29 अप्रैल को नैक की पीयर टीम ने बनवारी साहु कॉलेज में विजिट किया था. पीयर टीम में बतौर चेयरमैन विद्यासागर विश्वविद्यालय मिदनापुर पश्चिम बंगाल के कुलपति डॉ दामोदर मिश्रा, कॉर्डिनेटर के रूप में स्कूल ऑफ एजुकेशन जंतपली महेंद्रगढ़ हरियाणा की डॉ सारिका शर्मा और सदस्य के रूप में मेरठ कॉलेज मेरठ उत्तर प्रदेश की डॉ एमपी सिंह ने कॉलेज का भौतिक निरीक्षण किया था. (पढ़ें, पलामू:">https://lagatar.in/palamu-shed-not-yet-constructed-vegetable-vendors-selling-vegetables-under-the-open-sky/">पलामू:

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भौतिक सत्यापन के 20 दिन बाद नैक ने कॉलेज को 2.09 सीजीपीए दिया 

कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. प्रदीप कुमार तिवारी ने बताया कि नैक की पीयर टीम ने बंद लिफाफे में जांच रिपोर्ट सौंपी थी. टीम ने मूल्यांकन के बाद उस रिपोर्ट को खोलने का निर्देश दिया था. भौतिक सत्यापन के तकरीबन 20 दिनों के बाद नैक द्वारा बनवारी साहु कॉलेज को 2.09 सीजीपीए और बी ग्रेड दिया गया. कॉलेज के प्रिंसिपल और अन्य कर्मियों ने इस सफलता पर नीलांबर-पीतांबर यूनिर्सिटी के कुलपति प्रो (डॉ) रामलखन सिंह, प्रतिकुलपति प्रो (डॉ) दीपनारायन यादव, कुलसचिव डॉ राकेश कुमार, विश्वविद्यालय नैक को-र्डिनेटर डॉ विमल कुमार सिंह, शासी निकाय के अध्यक्ष सह सांसद सुनील कुमार सिंह , स्थानीय विधायक वैद्यनाथ राम, महाविद्यालय के शासी निकाय की सचिव अंजू गुप्ता के प्रति आभार प्रकट किया. कहा कि इनके मागर्दशन में कॉलेज ने एक नया आयाम गढ़ा है. इसे भी पढ़ें : नोटबंदी">https://lagatar.in/note-ban-of-2000-rupees-president-of-metropolitan-congress-committee-tightened/">नोटबंदी

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सीमित संसाधनों में बेहतर शिक्षा प्रदान कर रहा कॉलेज

बता दें कि बनवारी साहु डिग्री कॉलेज सीमित संसाधनों में भी क्षेत्र में बेहतर शिक्षा का अलख जगाने का भरसक प्रयास कर रहा है. साल 1984 में स्थानीय समाजसेवी बनवारी साहु के परिजनों द्वारा इस कॉलेज की स्थापना की गयी थी. 1987 में इस कॉलेजय को रांची यूनिवर्सिटी से संबद्धता प्रदान की गयी. आज इस कॉलेज में तकरीबन तीन हजार छात्र हैं. जबकि प्राध्यापकों की संख्या 17 और कर्मचारियों की संख्या 17 है. तकरीबन सभी विषयों के व्याख्यता यहां उपलब्ध हैं. इस महाविद्यालय के व्याख्याता और अन्य कर्मी अति अल्प मानदेय पर सरकारीकरण की आश में आज भी अपनी सेवा दे रहे हैं. इसे भी पढ़ें : पलामू:">https://lagatar.in/palamu-shed-not-yet-constructed-vegetable-vendors-selling-vegetables-under-the-open-sky/">पलामू:

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2017 में कॉलेज को यूजीसी से 2-एफ में पंजीकृत किया गया

साल 2011 में इसी कॉलेज के छात्र रह चुके वैद्यनाथ राम जब प्रदेश के शिक्षा मंत्री बने तो उनके प्रयास से इस कॉलेज को आर्ट्स व कॉमर्स स्ट्रीम में स्थायी संबद्धता प्रदान की गयी. साल 2017 में कॉलेज को यूजीसी से 2-एफ में पंजीकृत किया गया. इसके बाद से ही इस कॉलेज के कर्मी अल्प मानदेय पर कार्य करते हुए नैक से मूल्यांकन की तैयारी में जुटे थे. एक जनवरी 2023 को नैक के लिए एसएसआर अपलोड किया गया और नैक ने एक मार्च 2023 को एसएसआर को स्वीकृति दे दी. इसके बाद  28 और 29 अप्रैल को नैक की पीयर टीम ने कॉलेज का भौतिक निरीक्षण किया और इसे बी ग्रेड दिया. इसे भी पढ़ें : जमीन">https://lagatar.in/land-businessman-anil-yadavs-main-accused-in-the-murder-case-surrendered/">जमीन

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