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बड़गाईं CO ने आपत्ति के बाद भी काट दी चेशायर होम रोड की जमीन की रसीद, कहा-जो सही लगा किया, दिक्कत है तो आगे बढ़िये

Vinit Upadhyay Ranchi: प्रेम प्रकाश के करीबी पुनीत भार्गव ने राजेश राय से जमीन खरीदने के बाद जिसे बेची उसका म्यूटेशन भी हो गया. गाड़ी मौजा स्थित भूखंड जिसका खाता 37 और प्लाट नंबर 28 है, उसका म्यूटेशन बड़गाईं अंचल कार्यालय से हुआ है. म्यूटेशन के बाद अब पंजी 2 में वर्तमान मालिक (जिसने पुनीत भार्गव से भूमि खरीदी) का नाम दर्ज दिखाया जा रहा है. लेकिन इन सब के बीच सीओ मनोज कुमार और खतियानी मालिक होने का दावा करने वाले उमेश गोप के बीच हुई बातचीत का एक ऑडियो सामने आया है. ऑडियो में उमेश गोप बड़गाईं सीओ से यह पूछ रहे हैं कि उनकी आपत्ति के बावजूद विवादित भूमि का म्यूटेशन क्यों किया गया. इसके जवाब में सीओ मनोज कुमार ये कहते सुनाई दे रहे हैं कि बार-बार फोन मत कीजिए, अगर आपको गलत लग रहा है, तो आगे बढ़िए. इतना ही नहीं बड़गाईं सीओ ने आपत्ति करने वाले व्यक्ति से ये भी कहा कि म्यूटेशन का टाइटल सूट से कोई मतलब नहीं है, नकल लीजिए और आगे बढ़िए. इस पूरे मामले में बड़गाईं सीओ मनोज कुमार से लगातार.इन">http://lagatar.in">लगातार.इन

के  संवाददाता ने उनका पक्ष जानना चाहा, तो उन्होंने  बताया कि जिस भूमि का म्यूटेशन किया गया है, उसमें सिर्फ आवेदन देकर आपत्ति की गयी थी. आपत्ति को पुख्ता करने के लिए कोई ठोस कागजात उपलब्ध नहीं कराया गया और हल्का कर्मचारी एवं सीआई की रिपोर्ट के साथ -साथ जिसके पक्ष में म्यूटेशन किया गया, उसका दखल-कब्ज़ा देखकर म्यूटेशन किया गया. रांची के चेशायर होम रोड स्थित जिस 60 कट्ठा भूखंड की डील पुनीत भार्गव ने की है,  उसके तीन दावेदार अब तक सामने आ चुके हैं. पहला दावेदार हैं उमेश गोप, जो खुद को असली मालिक बता रहे हैं. उन्होंने लगातार. इन को उक्त भूखंड से जुड़े कई दस्तावेज दिए हैं. यहां तक की खतियान में भी उमेश गोप के पूर्वजों का ही नाम दर्ज है. दूसरे दावेदार हैं लखन सिंह, जिनके पिता हैं काली राम सिंह, इनके नाम से हुई रजिस्ट्री के दस्तावेज भी लगातार.इन के पास मौजूद हैं. जानकारी के मुताबिक लखन सिंह के नाम से बना दस्तावेज कोलकाता के रिकॉर्ड रूम में मौजूद है, जिसे संदेहास्पद बताया जा रहा है. तीसरे दावेदार हैं राजेश राय, जिनके पिता हैं जगदीश राय. पुनीत भार्गव को इन्होंने   ही जमीन की रजिस्ट्री की   है. पुनीत भार्गव ने जमीन खरीदने के बाद दूसरे को रजिस्ट्री कर दी.

 जमीन की बड़ी डील पर भी ईडी की नजर

रांची के बरियातू इलाके में सेना के कब्जे वाली जमीन और चेशायर होम रोड की भूमि खरीद बिक्री की जांच ईडी कर रही है. अब एजेंसी की नामकुम, बरियातू, कांके, ओरमांझी, रातू और नगड़ी इलाके में  पिछले कुछ वर्षों में हुई जमीन की बड़ी डील पर  नजर है.  जमीन के कारोबार से जुड़े व्यवसायी बताते हैं कि कुछ वर्षों में रांची में पैसे और बाहुबल के दम पर भी जमीन की खरीद-बिक्री की गई है. झारखंड में  लगभग एक वर्ष से भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही ईडी अब जमीन की डीलिंग और उसमें पैसों के लेनदेन पर भी  नजर रख रही है. रांची के हेहल, बड़गाईं ,नामकुम , रातू, नगड़ी , ओरमांझी और कांके अंचल में वर्ष 2021 और 2022 में कई चर्चित भूखंडों पर कब्जा और रजिस्ट्री हुई है. इन भूखंडों की डील को लेकर प्रशासनिक पदाधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठे थे. कुछ मामलों में रैयतों ने पुलिस केस किया है और कुछ मामलों में अदालत का दरवाजा खटखटाया  है. [wpse_comments_template]  

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