: रोस्पा टावर के बेसमेंट से अवैध निर्माण नहीं हटा, तो निगम एक सप्ताह में करे कार्रवाई : हाईकोर्ट इस संबंध में कई बार समाजसेवियों ने भी आवाज बुलंद की. लेकिन किसी प्रकार की सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने भी चुप्पी साध ली. कुछ दिन काम बंद करने के बाद उसी घटिया सामग्री से कार्य प्रारंभ कर दिया गया. स्थानीय लोगों का कहना है कि अभियंता सिर्फ खानापूर्ति के लिए निरीक्षण करते हैं. सामग्री देखकर सहज ही गुणवत्ता का अंदाजा लगाया जा सकता है. स्थानीय लोगों की मानें तो 14 करोड़ की इस जलमीनार के निर्माण में लाखों के वारे- न्यारे किए जा रहे हैं. निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के साथ पानी की भी कमी की जा रही है.
शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं : विधायक प्रतिनिधि
सबंधित मामले में बरही विधायक प्रतिनिधि छट्ठू यादव ने बताया कि विधायक उमाशंकर यादव के प्रयास से यह महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की गई है. परंतु घटिया सामग्री और लचर व्यवस्था से जलमीनार की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है. उन्होंने भी इसकी शिकायत जेई बिमल किशोर से की है. जेई ने संवेदक को मेटल आदि में बदलाव लाने का निर्देश भी दिया, परंतु स्थिति यथावत है.राजमिस्त्री ने की भी घटिया सामग्री की पुष्टि
निरीक्षण के क्रम में घटिया मेटल से जलमीनार की ढलाई की तैयारी की जा रही थी. निर्माण में प्रयोग होने वाले मेटल का न तो कोई साइज था और न ही गुणवता. इसकी संपुष्टि निर्माण कार्य में लगे राजमिस्त्री ने भी की. इसे भी पढ़ें- विवाहिता">https://lagatar.in/married-woman-accused-of-raping-and-making-obscene-videos/">विवाहिताका आरोप- दुष्कर्म कर बनाया अश्लील वीडियो, अब पूरे परिवार को दे रहा धमकी

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