कैबिनेट की बैठकः कस्तूरबा के शिक्षकेतर कर्मियों का बढ़ा मानदेय, HEC को बकाया भुगतान, जानें अन्य फैसले
इन स्कूलों में लगाए गए हैं कंप्यूटर सिस्टम
alt="" width="600" height="400" /> बीआरसी से मिली जानकारी के अनुसार, बरही प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय डपोक, हरिला, करसो, पोडेया, खेरौंन, बेंदगी, विजैया, बरहीडीह, डूमरडीह, गौरियाकरमा, पंचमाधव, बॉयज मिडिल स्कूल बरही, उच्च विद्यालय कोल्हुआकला, खोड़ाहार और हाई स्कूल बरही सहित कुल 15 विद्यालयों में कम्प्यूटर लैब और सिस्टम हैं. विद्यालयों में अब तक नियमित प्रशिक्षण नहीं हुए हैं. कई विद्यालयों में शिक्षक नहीं हैं, तो कई विद्यालयों में सिस्टम ही इंस्टॉल नहीं हैं. मवि हरिला में स्थापित कम्प्यूटर धूल फांक रहे हैं, तो स्मार्ट बोर्ड इंस्टॉल ही नहीं है. पूछे जाने पर शिक्षक ने बताया कि अब तक इसकी किसी ने सुध भी नहीं ली है.
एनजीओ हरित फाउंडेशन ने की है कंप्यूटर की आपूर्ति और मिला है देखरेख का जिम्मा
कंप्यूटर की आपूर्ति और देखरेख एनजीओ हरित फाउंडेशन कर रही है. इस फाउंडेशन ने कुछ विद्यालयों में शिक्षक तो दिए हैं. लेकिन अब तक पूर्ण रूप से इंस्टॉलेशन नहीं किया है. जिस कारण प्रशिक्षण प्रारंभ नहीं हुआ है. प्रशिक्षण के बाबत विद्यालय प्रभारियों को भी कोई जानकारी नहीं है. हालांकि खोड़ाहार, पोड़या, बरहीडीह, खेरौंन, डपोक, पंचमाधव आदि कुछ विद्यालयों में वहां के शिक्षकों ने अपने स्तर से कंप्यूटर संचालित करने की जानकारी ली है. बहरहाल लाखों की लागत से विभिन्न विद्यालयों में लगाए गए कंप्यूटर लैब शिक्षा पदाधिकारियों की इच्छाशक्ति के बिना धूल फांकने को मजबूर है. इसे भी पढ़ें - मेदांता">https://lagatar.in/jmm-supremo-shibu-soren-admitted-in-medanta/">मेदांतामें भर्ती हुए झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन [wpse_comments_template]

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