Barhi : विश्व पर्यावरण दिवस पर आईसीएआर गौरियाकरमा ने सोमवार को वन विभाग के सहयोग से 50वां विश्व पर्यावरण दिवस मनाया. संस्थान ने मॉनसून में 50,000 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा. विशेष कार्य अधिकारी डॉ. विशाल नाथ ने वनों के महत्व पर चर्चा करते हुए संस्थान को सुंदर, शीतल और हरा-भरा बनाने के लिए परिसर में काफी संख्या में पौधे लगाए. कार्यक्रम के आयोजक पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ. दीपक कुमार गुप्ता ने 2023 के थीम “प्लास्टिक प्रदूषण को हराएं” का संदेश दिया. साथ ही लोगों से एकल प्रयोग प्लास्टिक के प्रयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की बात कही. बताया कि प्रत्येक वर्ष दस लाख प्लास्टिक की बोतलें और लगभग पांच ट्रिलियन प्लास्टिक बैग का प्रयोग किया जाता है. उन्होंने बताया कि दुनिया भर में हर साल लगभग 400 मिलियन टन से अधिक प्लास्टिक का उत्पादन होता है. इनमें से 19-23 मिलियन टन प्लास्टिक कचरा प्रतिवर्ष झीलों, नदियों और समुद्रों में फैल रहा है. इससे लगभग 800 से अधिक समुद्री और तटीय प्रजातियां प्रभावित हो रहीं हैं. माइक्रोप्लास्टिक्स भोजन, पानी और हवा में घुल चुके हैं. अनुमान के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति प्रति वर्ष 50,000 से अधिक प्लास्टिक कणों का भोजन, पानी और हवा के माध्यम से उपभोग करता है. यह मानव स्वास्थ्य और जैव विविधता को नुकसान पहुंचाते है. कार्यक्रम में संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. बीएन मंडल, डॉ. मनोज चौधरी, डॉ. अभय गिरी, डॉ. कृष्ण प्रकाश, डॉ. निरंजन, डॉ. आशा, डॉ. भारती, डॉ. नुजाइबा एवं वन विभाग के अधिकारी अमर उज्ज्वल आदि ने पौधरोपण में भाग लिया. इसे भी पढ़ें : पलामू">https://lagatar.in/palamu-neighbor-raped-a-minor-by-entering-the-house-condition-critical/">पलामू
: घर में घुसकर पड़ोसी ने नाबालिग से किया दुष्कर्म, हालत गंभीर [wpse_comments_template]
बरही : विश्व पर्यावरण दिवस पर 50 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
Leave a Comment