Badkagaon : कोयला खनन कंपनियों के खिलाफ हजारीबाग जिले के गोंदलपुरा के ग्रामीण गोलबंद हो रहे हैं. गोंदलपुरा, गाली, बलोदर, हाहे तथा फुलांग के ग्रमीण पिछले पांच दिनों से गोंदलपुरा में धरना दे रहे हैं. इनकी मांग है कि एनटीपीसी, जेएसडब्लू, एनएमडीएल, जेएसडीएल व अडाणी की कोल खनन कंपनियां इलाका छोड़ कर चली जाये. धरना को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद भुनेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ गोंदलपुरा तक नहीं रहेगा. इसकी आवाज प्रखंड से लेकर जिला, राज्य और देश स्तर तक गूंजेगी. यह आंदोलन इलाके से आडाणी, एनटीपीसी, जेएसडब्ल्यू , हिंडालको सहित सभी सभी कोल कंपनियों को खदेड़ का काम करेगा.
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किसानों की आजीविका छिनते जा रही है- अनिरुद्ध कुमार
अधिवक्ता अनिरुद्ध कुमार ने कहा 2013 के कानून के मुताबिक कोई भी कंपनी बहुफसली जमीन को कोयला खनन कार्य के लिए नहीं ले सकती है. इलाके में खनन कंपनियों की वजह से आम लोगों का जीवन दूभर हो गया है. किसानों की आजीविका छिनते जा रही है. एनटीपीसी की मनमानी से लोग पहले से ही परेशान हैं. लोगों को प्रदूषण, जल संकट, फसलों की बर्बादी के सिवा कुछ हासिल नहीं हुआ. कोल कंपनियों के रवैया के कारण अब यहां के लोग सभी कंपनियों को खदेड़ना चाहते हैं. धरना में शामिल ग्रामीणों का कहना है जब तक गोंदलपुरा से अडाणी की कंपनी वापस नहीं जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.पांचवें दिन के धरना कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
पूर्व मुखिया श्रीकांत निराला. देवनाथ महतो, चंदन कुमार, विनय कुमार, गिरजा भुइयां, जगदेव गंझू, रवि कुमार, परमेश्वर महतो, कृष्णा यादव, रघु तुरी, बालेश्वर यादव, देव प्रकाश यादव, यशोदा देवी, बसंती देवी, रेशमा देवी, शांति देवी, दीपक कुमार सहित सैकड़ों ग्रामीण धरना में उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें – चतराः">https://lagatar.in/chatra-dc-launches-campaign-against-illegal-mining-transportation-and-storage/">चतराःबिना परिवहन चालान के चार ट्रैक्टर, दो ट्रक और एक हाइवा जब्त, 13 पर प्राथमिकी [wpse_comments_template]
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