Ranchi : एसएस मेमोरियल कॉलेज के बीबीए डिपार्टमेंट के छात्र स्ट्रीट बेगर्स (भिखारियों) के जीवन का अध्ययन करेंगे. गौरतलब है कि रांची के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों पर भीख मांगने वालों की संख्या सैकड़ों में है. ऐसे में समाज के इस उपेक्षित वर्ग को जीवन जीने में किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, इससे बीबीए के छात्र सीख लेंगे. साथ ही अध्ययन की रिपोर्ट समाज के लोगों के समक्ष प्रस्तुत करेंगे. छात्र आईक्यू व मैनेजमेंट से संबंधित सवाल तैयार किये हैं. भिखारियो से यह सवाल पूछा जाएगा. छात्र उनका अवलोकन करेंगे और अपने नतीजे में बताएंगे कि कितने प्रतिशत भीख मांगने वाले अन्य रोजगार कर पाने में सक्षम हैं.
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क्या होगा इस अध्ययन कार्य में
1. भिक्षा मांगने वाले व्यक्ति की बौद्धिक स्थित कैसी है ? 2. भिक्षा मांगने का तरीका क्या-क्या है? 3. संगठन में कितने लोग हैं? 4. क्या कोई टीम लीडर भी है? 5. कितने घंटे सड़क पर खड़े रहते हैं ? 6. कितनी भाषाओं का ज्ञान है ? 7.भिक्षा मांगने की मूल वजह गरीबी के अलावा क्या? 8. घर परिवार बच्चों को किस तरह से प्रबंधित करते हैं ? 9. भीख मांगने वालों की औसत आयु ? 10. उनसे बातचीत कर अवलोकन करेंगे.अध्ययन कार्य चौक-चौराहों, र्मिक स्थल पर जाकर करेंगे: डॉ. तनुज खत्री
डॉ. तनुज खत्री ने कहा कि यह अध्ययन कार्य रांची शहर के विभिन्न चौक-चौराहों, धार्मिक स्थल, ट्रैफिक सिग्नल के आसपास जाकर करेंगे कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में स्ट्रीट बेगर्स अपने जीवन व दिनचर्या और कार्य का प्रबंधन करते हैं. उनकी समस्या, उनका समाधान, चुनौतियां और नई संभावनाएं क्या हैं. इसे भी पढ़ें- रिम्स">https://lagatar.in/rims-patient-accused-of-taking-money-shock-to-dr-anshul-of-ctvs-department/">रिम्स: मरीज ने लगाया पैसे लेने का आरोप, सीटीवीएस विभाग के डॉ अंशुल को शोकॉज [wpse_comments_template]
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