Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

टीबी मरीजों के परिजन पर होगा बीसीजी ट्रायल, रिम्स को भी मिली जिम्मेदारी

Advertisement
Advertisement
Ranchi: टीबी मरीजों के परिजन को टीबी से बचाने के लिए आईसीएमआर बीसीजी बूस्टर देकर शोध कर रही है. इस अभियान के तहत देश के विभिन्न राज्यों से 9600 लोगों को बीसीजी बूस्टर दी जाएगी. पहले एक साल तक बीसीजी संक्रमित परिवारों के सदस्यों को दी जाएगी. उसके बाद के दो साल तक मॉनिटरिंग की जाएगी.

रिम्स को भी मिली जिम्मेदारी

देश भर के कुल आठ संस्थानों को इसका जिम्मा दिया गया है, इसमें रिम्स भी है. रिम्स के पीएसएम विभाग के डॉ देवेश इस शोध को झारखंड में नेतृत्व करेंगे. डॉ देवेश के अलावा डॉ विद्यासागर और डॉ सुनंदा झा इस शोध में शामिल रहेंगी. डॉ देवेश ने बताया कि रांची के टीबी संक्रमितों के परिवार में से कुल एक हजार लोगों का चयन कर उन्हें बीसीजी की बूस्टर डोज एक बार दी जाएगी. इसे भी पढ़ें-मूर्ति">https://lagatar.in/clashes-between-two-groups-during-idol-immersion-police-calmed-down/">मूर्ति

विसर्जन के दौरान दो गुटों में झड़प, पुलिस ने कराया शांत

मरीजों के परिजन को दी जाती है आइजोनियासिस टैबलेट

डॉ. देवेश ने बताया कि आईसीएमआर ने 2025 तक टीबी मुक्त करने की दिशा में यह प्रोग्राम चला रही है. वर्तमान में टीबी के संक्रमित मरीजों के सदस्यों को आइजोनियासिस टैबलेट दी जाती है. सभी सदस्यों को एक टैबलेट छह महीने तक प्रतिदिन खाना होता है. डॉ देवेश ने बताया कि जो संक्रमित मरीज होते हैं वो ही छह महीने तक दवा का कोर्स पूरा नहीं करते. ऐसे में छह महीने तक परिवार के सदस्य दवा खाते रहेंगे ऐसा शायद संभव नहीं है.

इसलिए हो रहा है बीसीजी ट्रॉयल

डॉ. देवेश ने बताया कि देखा जाता है कि अधिकतर टीबी का संक्रमण घर पर ही मरीज के संपर्क में आने से होता है. मरीजों को बचाने के लिए आइजोनियासिस टैबलेट दी जाती है. जिसे छह महीने तक खाना होता है. नहीं खाने से वे संक्रमित हो जाते हैं. छह महीने तक के खुराक से बचाने के लिए एक बीसीजी बूस्टर डोज देने पर विचार किया जा रहा है. शोध में परिणाम आने के बाद से इसे लागू कर दिया जाएगा. जिससे रोज रोज टैबलेट खाने की परेशानी नहीं रहेगी.

शोध में देशभर के ये संस्थान हैं शामिल

एम्स दिल्ली एम्स भुवनेश्वर एम्स गुवाहाटी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ट्यूबरक्लोसिस एंड रेस्पिरेट्री डिजीज एनआईआरटी चेन्नई ग्रेंड मेडिकल कॉलेज मुंबई जेजे हॉस्पिटल रिम्स, रांची [wpse_comments_template]
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही