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केंद्र की हो या राज्य की योजना, लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे : राज्यपाल

 
  • पाकुड़ में ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद कार्यक्रम
Pakur /Ranchi : राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को पाकुड़ पहुंचे. अमड़ापाड़ा प्रखंड के डुमरचीर में ग्रामीणें से कहा कि केंद्र सरकार की योजना हो या राज्य सरकार की, उनका लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक के जीवन स्तर को ऊपर उठाना है. केंद सरकार नल-जल योजना के तहत प्रत्येक परिवार को शुद्ध पेयजल सुलभ कराने के लिए प्रतिबद्ध है. अभी तक 37 प्रतिशत परिवारों को इस योजना से जोड़ा जा चुका है. उनके द्वारा कई कस्तूरबा गांधी विद्यालय एवं अन्य विद्यालयों का भ्रमण किया गया है. उन्होंने वहां स्मार्ट क्लास, वीआर लैब, लाइब्रेरी, ओपेन जिम को देखा है. छात्राओं से भी संवाद किया. उन्हें खुशी मिली की वे पढ़ाई पर ध्यान दे रही हैं. अपना लक्ष्य भी निर्धारित कर रही हैं. उन्होंने छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि जो भी बच्चे उच्च शिक्षा ग्रहण करना चाहते हैं, उनके लिए सरकार द्वारा विशेष कोचिंग के माध्यम से भी शिक्षा की व्यवस्था की गई है. यदि ये बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त करते हैं, तो इनके लिए भाषा की समस्या नहीं होगी. वे बेहतर तरीके से अपने समाज और समुदाय के लोगों की सेवा कर सकेंगे.

विपरीत परिस्थिति में भी बच्चों को शिक्षा दें 

राज्यपाल ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग अपने बच्चों को निश्चित रूप से शिक्षा दें. आप अपने जमीन-जायदाद एवं विभिन्न स्रोतों से आय का उपयोग बच्चों को शिक्षित बनाने में करें. वे शिक्षित होंगे, तभी वे प्रतिस्पर्धा के इस युग में सफलता अर्जित कर सकेंगे. कार्यक्रम में उपस्थित जिला परिषद की सदस्य प्रियंका मालतो ने कहा कि कुमार भाग पहाड़िया के पीवीटीजी में शामिल नहीं होने के कारण बहुत सारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है. शांति मालतो ने बताया कि किस प्रकार उनके परिवार का जीवनयापन स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अच्छी तरह हो रहा है. ललिता देवी ने बताया कि वह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की अमड़ापाड़ा शाखा में बैंक सखी है. स्वयं सहायता समूह को बैंक खाता खुलवाना एवं ऋृण मुहैया करवाना एवं बीमा करवाने का कार्य करती है. इस कार्य से उनका जीवनस्तर बढ़ा है और वह खुश है.

परिसंपत्तियों का वितरण किया

राज्यपाल ने कहा कि जनजातियों एवं पीवीटीजी के लिए एकलव्य विद्यालय खोले गए हैं. सरकार द्वारा स्कूल ऑफ एक्सीलेंस भी खोले गए हैं. आप अपने बच्चों को निश्चित रूप से शिक्षित करें. उन्हें ड्रॉप आउट नहीं होने दें. उन्होंने परिसंपत्तियों का भी वितरण किया एवं आंगनबाड़ी केंद्र के कार्यों का अवलोकन किया.

जनजातीय सखी मंडल के उत्पाद सामग्रियों एवं कार्यों को देखा

राज्यपाल ने ग्रामीणों से संवाद के बाद पाकुड़ जिला में विशिष्ट जनजाति सखी मंडल द्वारा संचालित गुतू गलांग कल्याण ट्रस्ट के बरबट्टी उत्पादन एवं विक्रय के साथ अन्य उत्पादित सामग्रियों एवं कार्यप्रणाली को अवलोकन किया. उन्होंने कहा कि यह संस्था स्वयं सहायता समूह के लिए रोल मॉडल है. राज्यपाल वहां विशिष्ट जनजाति सखी मंडल द्वारा संचालित बोरा सिलाई केंद्र, बोरा छपाई केंद्र, उत्पादित सामग्रियों का भंडार गृह देखा. पारंपरिक पोषण एवं चिकित्सा पद्धति के स्टॉल में जाकर पारंपरिक चिकित्सा की इस पद्धति की जानकारी ली और कहा कि इसके संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता है. इसे भी पढ़ें – रांची:">https://lagatar.in/ranchi-high-court-seeks-response-from-government-on-pil-filed-for-disturbances-in-paddy-procurement/">रांची:

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