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रूस के कारण यूरोपीय देश जंग की ओर बढ़ रहे !अमेरिकी बॉम्बर्स के साथ ब्रिटिश लड़ाकू विमानों की उड़ान

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London/Moscow :  यूरोप युद्ध के मुहाने पर खड़ा है.  जानकारों का कहना है कि एक छोटी सी चिंगारी कभी भी यूरोपीय देशों के बीच युद्ध भड़का सकती है. एक तरफ रूस और बेलारूस और दूसरी तरफ अमेरिका, यूक्रेन, पोलैंड, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देश खड़े हैं.  इन हालातों के बीच ब्रिटिश और अमेरिकी वायु सेना के लड़ारू विमानों और स्ट्रैटजिक बॉम्बर्स ने नॉर्थ सी के ऊपर एक साथ उड़ान भरकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है. दोनों देशों के संयुक्त सैन्य अभ्यास का नाम ऑपरेशन प्वाइंट ब्लैंक है. इस गश्त में ब्रिटिश रायल एयरफोर्स के टायफून लड़ाकू विमान, लॉकहीड मार्टिन एफ-35 लाइटनिंग II शामिल हुए.  अमेरिकी वायु सेना के रॉकवेल बी-1 लांसर और बोइंग बी-52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस स्ट्रैटजिक बॉम्बर्स ने इसमें हिस्सा लिया.  इस संबंध में  अमेरिकी वायु सेना ने कहा.   मिशन का उद्देश्य किसी भी विरोधी को आक्रामक कार्रवाई से रोकने और अपने सहयोगियों और भागीदारों के साथ मिलकर काम करने की क्षमता को बढ़ाना था. इसे भी पढ़ें : यूपी">https://lagatar.in/up-yogi-said-will-make-azamgarh-into-aryamgarh-akhilesh-said-bjp-does-politics-of-destruction-not-development/">यूपी

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ब्रिटेन ने खदेड़े रूसी परमाणु बॉम्बर्स

खबरों के अनुसार इस अभ्यास के दौरान रूसी वायु सेना के दो टीयू-160 व्हाइट स्वान`परमाणु बॉम्बर्स ने उत्तरी सागर के ऊपर ब्रिटिश वायु सीमा में घुसने की कोशिश की. उसे रोकने ब्रिटेन के अपने लड़ाकू विमान भेजे.    ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उनके लड़ाकू विमानों ने रूसी बमवर्षकों को अपनी सीमा में दूर खदेड़ दिया. इसे भी पढ़ें : असम">https://lagatar.in/terrorist-attack-on-assam-rifles-convoy-five-soldiers-including-colonel-martyred/">असम

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व्लादिमीर पुतिन की नाटो देशों को चेतावनी

आज शनिवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि वह अमेरिका और अन्य नाटो युद्धपोतों के हाल के   काला सागर अभ्यास को एक गंभीर चुनौती मानते हैं. उन्होंने रूसी समाचार चैनल को दिये इंटरव्यू में कहा कि नाटो में संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके सहयोगी काला सागर में बिना पूर्व सूचना के अभ्यास कर रहे हैं. इन अभ्यासों में न केवल एक शक्तिशाली नौसेना समूह शामिल है, बल्कि रणनीतिक बॉम्बर्स सहित वायु सेना और नौसेना के लड़ाकू विमान भी शामिल है. यह हमारे लिए एक गंभीर चुनौती है.

यूरोप में जंग जैसे हालात

बर्तमान में रूस के करीबी देश बेलारूस और अमेरिका का नजदीकी पोलैंड के बीच प्रवासी संकट चरम पर है. इन सबके बीच रूस ने बेलारूस में अपने दो परमाणु बमवर्षक विमान और पैराट्रूपर्स की फौज को ताकत दिखाने भेज दिया है. उधर, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी नाटो को चेतावनी दी है. हालांकि, पुतिन ने खुद साफ किया है कि बेलारूस-पोलैंड प्रवासी संकट में रूस कीी कोई भूमिका नहीं है. इसे भी पढ़ें : कांग्रेस">https://lagatar.in/congress-accuses-facebook-of-supporting-bjp-writes-letter-to-mark-zuckerberg-says-you-are-not-stopping-fake-news-and-inflammatory-content/">कांग्रेस

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यूक्रेन के नजदीक रूसी सेना तैनात

रूस ने इस साल दूसरी बार यूक्रेन की सीमा के नजदीक फौज को बड़ी संख्या में तैनात किया है. इसमें टैंक, मिसाइल, पैदल सैनिक, ड्रोन और ऑर्मर्ड वाहन शामिल हैं. बताया जा रहा है कि क्रीमिया में रूस समर्थित अलगाववादियों के हमले में यूक्रेनी सैनिकों की मौत के बाद से ही तनाव बढ़ता जा रहा है. इसके जवाब में यूक्रेन ने इन अलगाववादियों पर ड्रोन हमला किया था. [wpse_comments_template]

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