alt="चमरा लिंडा ने सरकार को चेताया" width="1600" height="1200" /> चमरा लिंडा ने सरकार को चेताया[/caption] इसे भी पढ़ें : गोरखपुर">https://lagatar.in/in-gorakhpur-an-elephant-broke-into-a-yagya-pandal-trampled-many-people-3-died/">गोरखपुर
में यज्ञ पंडाल में बिदका हाथी, कई लोगों को रौंदा, 3 की मौत
इतने सारे अधिकार और ट्राइबल फंड होते हुए आदिवासी मुर्गी और सुअर क्यों पालें
विधायक चमरा लिंडा ने राज्य सरकार का नाम लिए बिना कहा कि हमें मुर्गी, सुअर और बकरी पालने को कहा जाता है. आईएएस, आईपीएस और अफसर बनने को नहीं. क्या इतने सारे अधिकार और फंड होते हुए भी हम मुर्गी और सुअर ही पालें. केंद्र सरकार पांचवीं अनुसूची के प्रावधानों के तहत ट्राइवल सबप्लान के तहत 22 हजार करोड़ रुपए देती है. यह फंड जाता कहां है. बिहार के समय लालू ने इसी फंड से चारा घोटाला कर दिया. रघुवर दास ने हाथी उड़ा दिया और वर्तमान सरकार में भी यह फंड दूसरे काम में डायबर्ट हो रहा है. हर राज्य में यही हो रहा है. हमसे तो अंग्रेज भी नहीं सके. तो भारत की सरकारें क्या सकेगी. हमारी ताकत और लड़ाई के कारण ही अंग्रेज भागे और हमें अधिकार भी देकर गए.सीएनटी-एसपीटी उल्लंघन की सीबीआई जांच से 13 जिलों के डीसी और सीओ रहेंगे जेल में
अंग्रेजों ने हमें सीएनटी-एसपीटी दिया. मगर हमारी सरकारों ने इसमें छेद करके सारी जमीन लूट ली. इसलिए अवैध जमीन हस्तांतरण के खिलाफ सीबीआई जांच हम कराएंगे. अगर जांच हो गया तो राज्य के 13 अनुसूचित जिलों के सभी वर्तमान एवं पूर्व डीसी और सीओ तिहाड़ और होटवार जेल में रहेंगे. हम तीर-धनुष चलाना नहीं छोड़े हैं, अगर जरूरत पड़ी तो तीर-धनुष फिर चलाएंगे.सिसई विधायक प्रो. जिग्गा होरो नहीं हुए शामिल
महारैली में सिसई विधायक प्रो. जिग्गा होरो शामिल नहीं हुए. कार्यक्रम में बताया गया कि उनकी तबीयत खराब है. जब उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया तो मोबाइल लगातार बंद आया.कार्यक्रम में 26 सूत्री मांग पारित
कार्यक्रम में 26 सूत्री मांग पारित किया गया. सभी ने हाथ उठाकर इसे पारित किया. अब इन मांगों को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और सीएम को सौंपा जाएगा.यह मांग हुए पारित
- -कुरमी महतो जाति को आदिवासी में शामिल करने का विरोध
- - जनगणना के पूर्व सरना कोड जनगणना फॉर्म में लागू हो,नहीं तो जनगणना होने नहीं देंगे
- -भुईहरी पहनई, महतोई, मुंडई, डालीकतारी, पनभरा, गैरही, देशवली, जमीन से संबंधित नियमावली बनाओ.
- - गैर आदिवासी पुरुष द्वारा आदिवासी महिला से विवाह कर उसका बच्चा आदिवासी नहीं बनेगा, गैर आदिवासी से विवाहित महिला मुखिया, प्रमुख, अध्यक्ष, जिला परिषद नहीं बनेगी. आदिवासी जमीन का हस्तांतरण गैर आदिवासी से विवाहित महिला के नाम बंद करने की नियमावली बनाओ.
- - आदिवासी का जितना बैकलॉग नौकरी है, उसमें भर्ती करो. 2018 में दरोगा का 400 सीट आदिवासी का बैकलॉग में बचा है, इसको भरने की प्रक्रिया शुरू हो.
- - संविधान 350 (क) का प्रावधान के अनुसार आदिवासी भाषा की पढ़ाई प्राथमिक विद्यालय में शुरू करो.
- - सीएनटी एक्ट और पांचवी अनुसूची दोनों कानून को अलग करो. सीएनटी एक्ट छोटानागपुर में लागू रहे, लेकिन (पांचवी अनुसूची) या धारा-244 (1) झारखंड के 13 जिलों में लागू करने की नियमावली तैयार करो. टीएसी के चेयरमैन का चुनाव उसके 15 सदस्य में से हो, इसकी नियमावली बनायी जाए.
- -एसएआर कोर्ट तुरंत नया स्थापित करो, उसमें ज्यूडिशियल पावर प्रदत करने की नियमावली बने
- -सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्णय आदिवासी जमीन से निकले माइंस का उत्खनन एवं ट्रांसपोर्टिंग आदिवासी कॉपरेटिव सोसायटी को देना होगा का नियम बनाया जाए.
- -लोहरा, लोहार, कमार, करमाली को आदिवासी की सूची में शामिल करने के लिए ट्राइबल रिसर्च इंस्टीच्यूट में समीक्षा शुरू करो.
- - पेसा एक्ट में ग्राम सभा का पावर धारा 4m I, II, III, IV, V. VI, VIII, 40, 4 अर्थात 4 आई को राज्य में लागू करने की नियमावली बनाना.
- - संविधान की धारा 275 (1) ट्राइबल सबप्लान का पैसा का खर्च टीएसी से एवं ग्राम सभा से अनुशंसा की नियमावली बनाओ.
- - संविधान के अनुछेद 2441 का धारा 5 (2) और 6 (i) एवं 5 (2) बी और 6 (ii) की नियमावली बनाना लागू किया जाए.
- -आदिवासी की जमीन मोर्गेज कर लोन देने का नियम बनाओ, शिड्यूल एरिया रेगुलेशन एक्ट बनाकर प्रावधान किया जाए.
- - आदिवासी का मानव तस्करी (पलायन) रोकने का कानून बनाओ.
- -भूमि अधिग्रहण कानून के तहत अधिग्रहित की गयी जमीन जो इस्तेमाल नहीं हुआ, उसे रैयतों को वापस किया जाए.
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